सुनील उपाध्याय
बस्ती । होम्योपैथी की दवायें दीमागी बुखार मंे भी कारगर हो इसके लिये शोध को बढावा देने की जरूरत है। होम्योपैथिक चिकित्सकांें को एलोपैथिक चिकित्सकों की भांति सुविधा मिले तो गरीबों का कल्याण होगा और वे कम व्यय पर जटिल रोगों से मुक्ति पा सकेंगे। यह विचार डा. जय प्रकाश शर्मा ने उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड सदस्य के गोरखपुर-रूहेल खण्ड जोन 3 के प्रत्याशी के रूप में जनपद के चिकित्सकांे से संवाद बनाते हुये व्यक्त किया। कहा कि चुनाव में हार-जीत और बात है, होम्योपैथी की धार कमजोर नहीं होनी चाहिये।
रिसर्च सोसायटी ऑफ होम्योपैथी जिलाध्यक्ष डा. वी.के. वर्मा के साथ डा. जय प्रकाश शर्मा ने जनपद के लगभग 50 चिकित्सकों से सीधा संवाद बनाते हुये होम्योपैथी के बेहतर भविष्य के लिये शत प्रतिशत मतदान का आग्रह किया। कहा कि पंजीकृत चिकित्सक मतदान अवश्य करें जिससे संघर्ष और सृजन की धार को तेज किया जा सके। डा. जय प्रकाश शर्मा ने भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें चिकित्सकों के सहयोग से अवसर मिला तो वे पूर्वान्चल के लिये विशेष पहल करेंगे क्योंकि यह क्षेत्र अनेक जटिल बीमारियों से ग्रस्त है जिसका इलाज होम्योपैथी में सर्वसुलभ है।
चिकित्सकों से सम्पर्क के दौरान डा. एन.के. सिंह गौतम, डा. हरिराम, डा. राम प्रकाश मौर्य, डा. अवनीश कुमार, डा. राजेश वर्मा, डा. एस.आर. वर्मा, डा. शैलेन्द्र तिवारी, डा. एस.सी. वर्मा, डा. जी.सी. वर्मा, डा. जे.पी. चौधरी, डा. नरेन्द्र पटेल, डा. हरिशरण, डा. अनीता गौड़, डा. अनिल साहू, डा. धर्मेन्द्र चौधरी, डा. माया निषाद, डा. मनीष गुप्ता, डा. अंशुल श्रीवास्तव, डा. कंवलजीत, डा. अजय आनन्द आदि ने सहयोग का आश्वासन दिया।


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