सतेन्द्र खरे
यूपी में नक़ल के लिए बदनाम कौशाम्बी में अफसरों की सख्ती, नक़ल माफिया के हौसलों को पस्त नहीं कर पा रही है | अधिकारियों की कड़ी चेतावनी के बाद भी नकल कराने का दुस्साहस बुधवार को पहली पाली में हिंदी सामान्य के पेपर देखने को मिला । खुद जिला विद्यालय निरीक्षक ने चायल तहसील के एक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी बंद कर सामूहिक नक़ल कराते केंद्र व्यवस्थापक को रंगे हाथ पकड़ा | पूरा मामला सामने आने के बाद डीआईओएस कौशाम्बी ने आरोपी महिला केंद्र व्यस्थापक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करते हुए परीक्षा निरस्त किये जाने की संस्तुति कर दी है |
सरदार वल्लभ भाई पटेल में बुधवार को पहली पाली में हिंदी सामान्य की परीक्षा चल रही थी। सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। परीक्षार्थी एक-दूसरे से बातचीत कर रहे थे। कक्षाओं के बाहर पर्चियां पड़ी थी। इनमें प्रश्नों का जवाब लिखा था। जानकारी होते ही डीआईओएस एसके सिंह ने परीक्षा केंद्र में करीब नौ बजे छापेमारी की। उनके पहुंचते ही स्कूल में हड़कंप मच गया। डीआईओएस ने जांच के दौरान पाया सभी कमरों का सीसीटीवी बंद था। केंद्र व्यवस्थापक पूनम मिश्र से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली नहीं थी। इस पर उन्होंने कहा कि जनरेटर कहा हैं, तो बताया गया कि जनरेटर का इंतजाम नहीं है। कक्षाओं के बाहर पर्चियां मिलने से डीआईओएस ने बुधवार की परीक्षा को निरस्त करते हुए सेंटर को काली सूची में डाल दिया। इसके साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक सतेन्द्र कुमार सिंह ने करारी पुलिस को तहरीर देकर सामूहिक नक़ल कराये जाने का मुकद्दमा कालेज प्रबंधन और केंद्र व्यवस्थापक महिला के खिलाफ दर्ज करा दिया है |
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बोले एसपी कौशाम्बी प्रदीप गुप्ता
जिला विद्यालय निरीक्षक के इस खुलासे में बाद कौशाम्बी के जिला प्रशासन के उन अधिकारियों में हडकंप है जो चोरी छिपे नक़ल माफिया की मदद कर डिप्टी सीएम केशव मौर्या के जिले कौशाम्बी को नक़ल के कलंक से मुक्त नहीं होने देना चाहते है |


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