विकास हाड़ा
सिद्धार्थनगर:सीमा शुल्क अधिकारियों की अनोखे कार्यशैली के वजह से बढ़नी बॉर्डर से सम्बद्ध व्यापारी व उद्यमी हतोत्साहित है और इंडो - नेपाल का ट्रेड बुरी तरह प्रभावित होने की प्रबल संभावना है। माल लेकर नेपाल जाने वाले वाहनों को पास न किये जाने से सीमा क्षेत्र में लोडेड वाहनों की कतार दिन ब दिन लंबी होती जा रही है, जिससे हाइवे पर जाम की स्थिति बन गयी है।
पड़ोसी व मित्र राष्ट्र नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में लगे उद्योगों में माल की डिमांड बढ़ने से सिद्धार्थनगर जिले के महत्वपूर्ण बॉर्डर बढ़नी से ट्रेड बढ़ने की काफी संभावना है। चालू वित्त वर्ष के उत्तरार्द्ध में आयात निर्यात में कुछ बढोत्तरी महसूस भी की जा रही है। प्राप्त खबरों के मुताबिक इधर करीब 2 माह से बढ़नी के सीमा शुल्क अधिकारियों की अजब गजब कार्यशैली से व्यापारियों-उद्यमियों में निराशा का भाव है, उनका रवैया लोगों की समझ से परे है। व्यापारियों द्वारा बताया जा रहा है कि दूरदराज व विभिन्न शहरों से लेकर आ रहे माल का आईजीएसटी आदि पेड कर आईईसी, एलयूटी, सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजन, लैब टेस्ट रिपोर्ट आदि के समुचित कागजातों के साथ सीमा पर पहुचने व कस्टम ड्यूटी देने के बाद उन्हें दिक्कते हो रही है उन्होंने बढ़नी कस्टम अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आये दिन कस्टम अधिकारी तरह तरह के मनमाने अवरोध पैदा कर रहे है।
नेपाल के व्यापारियों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कस्टम अधिकारी कई ऐसे बात भी कह रहे है जो उनके वास्तविक कार्य क्षेत्र से परे है। इतना ही नही जो गाड़िया बढ़नी बार्डर से नही पास की जा रही है वही गाड़ी अन्य बॉर्डर से सहजता से पास हो जा रही है। इससे लोगों पर एक्सट्रा समय व किराये का भार पड रहा है। कस्टम की उक्त कार्यपद्धति, उनकी मंशा लोगो मे संदेह पैदा कर रही है। व्यवसायी अकरम पठान आदि ने नेपाल में आने वाले माल में अवरोध पैदा किये जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे एक षड़यंत्र बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़नी-कृष्णनगर बॉर्डर से द्विदेशीय कारोबार को सहज नही बनाया गया तो महासंघ व महावाणिज्य दूतावास में मामले को रखना विवशता होगी।
मामले में राकेश श्रीवास्तव,डिप्टी कमिश्नर, गोरखपुर ने कहा कि यदि व्यापारियों ने सीमा शुल्क समन्धित सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली है तो निश्चित रूप से ओवरलोडिंग के कारण ही व्यवधान हो रहा होगा। यदि कोई वाहन जिस पर ओवरलोडेड होने का चालान हो चुका है वो चालान की रसीद दिखा कर अपनी गाड़ी पास करवा सकता है।


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