सत्येन्द्र खरे
देश और प्रदेश की बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार को रोकने की मुहीम को पलीता लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है | आरोप किसी नेता या मंत्री पर नहीं बल्कि योगी सरकार की एक महिला ब्लाक डेवलपमेंट अफसर पर लगा है , जो सरकारी आवास, राशन और शौचालय जैसी बुनियादी योजनाओ में गरीबो को सीधे लाभ देने के नाम पर वसूली करती है | यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्या के गृह जनपद कौशाम्बी में पिछले 6 महीनो से जारी अवैध वसूली की शिकायत नोटरी हलफनामे की शक्ल में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेज कर की है |
कौशाम्बी का मूरतगंज ब्लाक इन दिनों हर खास-ओ-आम के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है | सामान्य से दिखने वाले इस ब्लाक में रहने वाली जनता ने ब्लाक डेवलपमेंट अफसर श्वेता सिंह के भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है | लोगो का आरोप है कि बीडीओ मूरतगंज आवास राशन और शौचालय जैसी गरीबो को मुफ्त में दी जाने वाली बुनियादी योजनाओं पर कमीशन के रुपयों की मांग करती है | रुपये न मिलने पर वह खुद ही जाँच कर पात्रो को अपात्र बना देती है और लोगो को अपने दफ्तर के चक्कर लगवाती है | रुँपये की मांग पूरी होते ही बीडीओ मूरतगंज अपात्र को सरकारी दस्तावेजो में पात्र दिखाकर अपनी जेब भर रही है | आरोप है कि महिला ब्लाक डेवलपमेंट अफसर श्वेता सिंह अवैध वसूली का विरोध करने वाले लोगो को साफ़ शब्दों में कहती है कि वह यह वसूली की रकम सीएम योगी और कौशाम्बी के डीएम मनीष वर्मा को पहुचती है | ऐसे में उन पर कार्यवाही का सवाल ही नहीं खड़ा होता |
बीडीओ मूरतगंज के कारनामे की शिकायत का लेटर बम मुख्यमंत्री योगी के दफ्तर पंहुचा | जिसके बाद मुख्यमंत्री दफ्तर ने इस पूरे मामले की जाँच रिपोर्ट जिला प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी डीएम मनीष वर्मा के साथ लोकल इंटेलिजेंस यूनिट से मांगी है | डिप्टी सीएम के जिले में बीडीओ जैसे अफसर की करतूत की भनक मीडिया को लगी | जिस पर मीडिया ने पीड़ित ग्रामीणों की आरोपों के घेरे में आई बीडीओ श्वेता सिंह से सवाल किया | खुद पर लगे आरोप पर बीडीओ मूरतगंज श्वेता सिंह ने अपनी सफाई में खुद को ही पीड़ित बताना शुरू कर दिया | बीडीओ श्वेता सिंह के मुताबिक वह एक गजटेड अफसर है इसके साथ ही वह महिला है | उन्हें गलत काम को करने के लिए विवश किया जाता है और गलत न करने पर लोग उनके ब्लाक में आकर उन्हें मानसिक प्रताड़ना देकर धमकाते है | जिसमे उनके ब्लाक के प्रमुख की भूमिका संदेह के घेरे में है |
बीडीओ के लगाए आरोप पर मीडिया में मूरतगंज मोहम्मद साउद से भी उनका पक्ष जानने की कोशिस की | खुद पर लगे आरोप पर ब्लाक प्रमुख मोहम्मद साउद का कहना है कि बीडीओ मूरतगंज खुलेआम ग्रामीणों ग्राम प्रधानो और सरकारी राशन की दूकान के मालिको से वसूली करती है | अब हालत यह है कि ब्लाक में विकास की चर्चा करने ग्राम प्रधान नहीं आते | रही बात उनके ब्लाक परिसर में असलहे की तो 4 साल पहले उनकी पिता की हत्या के बाद उन्हें प्रशासन ने खुद की हिफाजत के लिए दिया है | अगर बीडीओ साहिबा को इससे आपत्ति है तो वह उसे भी अपने साथ नहीं रखेगे , बशर्ते बीडीओ साहिबा उनकी सुरक्षा का प्रबंध जिला प्रशासन से कराये | अपनी सफाई देते हुए ब्लाक प्रमुख मोहम्मद साउद ने बीडीओ पर सीएम योगी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाया और कहा कि बीडीओ साहिबा कहती है कि वह सीएम योगी के जिले के पास की रहने वाली है | उनके और उनके परिवार के मुख्यमंत्री से अच्छे सम्बन्ध है कोई उनका कुछ नहीं कर सकता जिसको जहाँ शिकायत करना है करता रहे |
बोले ब्लाक प्रमुख मूरतगंज मोहम्मद साउद
मूरतगंज ब्लाक की जनता की शिकायत का फैसला तो साफ़ है कि जिला प्रशासन और ख़ुफ़िया यूनिट की जाँच रिपोर्ट के मुख्यमंत्री दफ्तर के पहुचने के बाद होगा..... लेकिन यहाँ बड़ा सवाल यह है कि भ्रष्टाचार के आरोप में घिरी बीडीओ श्वेता सिंह और बीडीओ श्वेता सिंह के आरोपों में जाल में फसे ब्लाक प्रमुख की आपसी रार में जनता के विकास का काम फिलहाल हासिये पर चला गया है |



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