समाज के हर फैसलों में महिलाओं के नजरिए को समझा जाए महत्वपूर्ण :रीता चौधरी
नई दिल्ली । बार कौंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव की तिथि जैसे - जैसे नजदीक आ रही है वैसे - वैसे चुनाव मैदान में ताल ठोके अधिवक्ता प्रत्याशी अधिवक्ता को लुभाने का हरसम्भव प्रयास तेज कर दिया है ।
बार कौंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव के लिए मैदान में उतरे अधिवक्ता प्रत्याशियों ने जहा अधिवक्ताओं के बीच जाकर सघन जनसम्पर्क करते हुए अपने - अपने पक्ष मे मदतान की अपील कर रहे है वही गुरूवार को सदस्य पद की प्रत्याशी रीता चौधरी ने अधिवक्ताओं के संग कड़कड़डूमा कोर्ट व शाहदरा में अधिवक्ताओं से जहॉ सघन जनसम्पर्क कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की वही महिला अधिवक्ताओं से मिलकर गले लगाते हुए उन्हे अंर्तराष्टीय महिला दिवस की शुभकामनाए देते हुए कहा कि यह दिन महिलाओं को उनकी क्षमता, सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक तरक्की दिलाने व उन महिलाओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए अथक प्रयास किए।उन्होने कही कि माता-पिता अब बेटे-बेटियों में कोई फर्क नहीं समझते हैं। लेकिन यह सोच समाज के कुछ ही वर्ग तक सीमित है। सही मायने में महिला दिवस तब ही सार्थक होगा जब विश्व भर में महिलाओं को मानसिक व शारीरिक रूप से संपूर्ण आजादी मिलेगी । समाज के हर महत्वपूर्ण फैसलों में उनके नजरिए को महत्वपूर्ण समझा जाएगा। और बार कौंसिल में भी महिलाओं की संख्या में बढोत्तरी हो यह तभी सम्भव है जब सभी महिला व पुरूष अधिवक्तागण एक राय होकर एक सघर्षशील व अधिवक्ता के हितों व सुरक्षा को लेकर संजीदा रहने वाली महिला प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर उन्हे विजयश्री दिलवाए ।
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