सुनील उपाध्याय
बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के दयलापुर गांव से होली के एक दिन पहले एक मार्च को गायब हुई मासूम सृष्टि सिंह (उम्र 3 वर्ष) की लाश सोमवार की सुबह घर के कुछ दूरी पर स्थिति एक खेत में फेंकी मिली।देखने से शव करीब दो दिन पुराना लग रहा था और गला दबाकर हत्या की आशंका भी जतायी जा रही है।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मासूम की मौत के बाद फूट- फूटकर रोते बदहवास पिता ने बताया की मेरी बिटिया ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा था जो उसकी इस प्रकार निर्मम हत्या कर दी गई होली के एक दिन पहले 1 मार्च को बच्चों के साथ घर के कुछ दूरी पर खेल रही जब शाम को घर नहीं आई तो उसकी खोज बिन शुरू कर दी काफी खोज बिन के बाद जब सृष्टि का कहीं पता नहीं चला तो इसकी सूचना पुलिस को दी पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ।मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन मासूम सृष्टि को सकुशल बरामद कर पाने व आरोपियों को गिरफ्तार कर पाने में विफल रही ।और उसी विफलता का नतीजा कहे तो गलत नहीं होगा कि आज सुबह मासूम सृष्टि की लाश घर के कुछ ही दूरी पर खेत में मिली.
स्टोरी.
कप्तानगंज पुलिस पर तो सवाल खड़े ही होंगे
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कप्तानगंज पुलिस पर तो सवाल खड़े ही होंगे
कप्तानगंज पुलिस न तो अपराध पर लगाम लगा पाई है।और ना ही अपराध करने वाले अपराधियों पर अगर कप्तानगंज पुलिस अपराध व अपराधियों पर लगाम लगा पाने में कामयाब होती तो शायद क्षेत्र में आए दिन घट रही घटनाओं पर लगाम लगाया जा सकता था।लेकिन कप्तानगंज पुलिस की कार्यशैली तो राम भरोसे है।अगर पुलिस मासूम सृष्टि के मामले में गहराई से जाँच की होती तो शायद आज यह घटना ना घटी होती ।यही नही बीते 20 फरवरी को महराजगंज कस्बे निवासी प्रकाश मद्धेशिया के घर तीन बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां चलाई थी जिसमें प्रकाश मद्देशिया की पत्नी को पैर में गोली लगी थी जिससे वह घायल हो गए थी । इस घटना में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन पुलिस ने एक आरोपी को अभी तक गिरफ्तार कर पाई है बाकी मामले में नामजद मुख्य आरोपी उसका एक अन्य साथी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। कप्तानगंज पुलिस के इस रवैया से तो पुलिस पर सवाल उठना लाजमी है। की आखिर कप्तानगंज पुलिस अपराध व अपराधियों पर कब लगाम लगा पाएगी अपने आप में यह बड़ा सवाल है

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