सुनील उपाध्याय
बस्ती ।जिले में अमहट पुल निर्माण में हो रही देरी को लेकर इलाके के लोंगों ने एक बार फिर अनशन करने की चेतावनी दी है। पिछली दीवाली पर जल सत्याग्रह के माध्यम से अमहट पुल निर्माण की मांग करने वाले चंद्रमणि पांडेय उर्फ सुदामा बाबा ने निर्माण की देरी पर सवाल उठाते हुए दूसरे विश्व युद्ध के सेनानियों और उनके आश्रितों को वन रैंक वन पेंशन की लाभ नहीं देने पर केंद्र सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में 5 सूत्री मांगों के माध्यम से पुल के अविलंब निर्माण की मांग, हाइवे के बिज़ी ट्रेफिक वाले स्थानों पर अंडर पास बनाने की मांग सौंपी है। द्वितीय विश्वयुद्ध के सेनानियों और उनके परिवारों को परिवर्तित पेंशन देने की बात सरकार ने कही थी लेकिन जिले के पैंतालीस सैनिकों और उनके आश्रितों को वन रैंक वन पेंशन की सुविधा का लाभ अभी तक नही मिली जो वादाखिलाफी के दायरे में आता है। अमहट पुल के निर्माण के लिए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिसंबर माह के आखिरी दिनों में सल्टौआ में 15 दिन के भीतर पुल निर्माण शुरू करने की घोषणा की थी मगर पुल का निर्माण नही शुरू हो सका। इसकी वजह से हाइवे होकर आने को छात्र महिलाएं मजबूर हैं जिनकी जान पर रोजाना संकट है। मांग पत्र पर यदि 3 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्यवाही नही हुई तो आठ मार्च से अमहट स्थित कुवानो तट पर आमरण अनशन शुरू होगा।

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