सुनील उपाध्याय
बस्ती:पहले नोटबंदी और बाद में जीएसटी ने व्यापारियों की कमर तोडकर रख दिया। नोटबंदी से बाजार में पैसों का प्रवाह रूक गया तो जीएसटी की जटिलता से व्यापार। दोनो का नतीजा है कि देश आज आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। सरकार झूठे आंकड़ों से जनता को चाहे जितना गुमराह कर ले, लेकिन सच्चाई ये है कि पैसों का प्रवाह रूकने से व्यापार चौपट हो गया है और व्यापारी घोर निराशा के शिकार हैं।
यह बातें बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष आनंद राजपाल ने कहीं। वे गांधीनगर स्थित हरिश्चन्द्र पैलेस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होने आगे कहा कि व्यापारी टैक्स देने से कभी नही भागता, बल्कि हमें गर्व है कि हम देश की आर्थिक व्यवस्था को टैक्स देकर मजबूती प्रदान करते हैं, लेकिन टैक्स वसूल करने की जटिल प्रक्रिया ने व्यापारियों को परेशान कर रखा है, अच्छा खासा व्यापार सिकुडकर आधे में हो गया है। राजपाल ने कहा सरकार को चाहिये कि प्रथम बिक्री पर ही अंतिम बिक्री (एमआरपी) का टैक्स लेकर व्यापारियों को तनाव मुक्त कर दे, इससे व्यापार पूर्व की भांति चल पड़ेगा और सरकार भी सम्पूर्ण टैक्स वसूल कर पायेगी। इंसपेक्टर राज से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी, रिश्वतखोरी पर भी लगाम लगेगी।
यह पूछने पर कि अपनी बात आप प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री तक कैसे पहुंचायेंगे, राजपाल ने कहा हम व्यापारी इस आशय का शपथ पत्र बनवाकर प्रधानमंत्री को भेज रहे हैं कि प्रथम बिक्री पर ही अंतिम बिक्री का टैक्स वसूल किया जाना व्यापक देशहित में है, इसे सहानुभूतिपूर्वक लागू करायें, वरना व्यापारी को जीएसटी का वर्तमान स्वरूप किसी कीमत पर बर्दाश्त नही है। राजपाल ने कहा हमने अभियान शुरू किया है जो पूरे देश में जायेगा, लाखों की संख्या में व्यापारी शपथ पत्र बनवाकर प्रधानमंत्री को भेज रहे हैं जिसमें हमने प्रथम बिक्री प्वाइण्ट पर ही अंतिम बिक्री का टैक्स वसूल किये जाने की सलाह दी है, यदि देश भर के व्यापारियों के सुझाव सरकार मानने को तैयार नही होगी तो हमने एक सुझाव यह भी दिया है कि टैक्स चाहे जितना और चाहे जैसे वसूल किया जाये, व्यापारी तैयार है।
वे अपनी दुकान, प्रतिष्ठान, सम्बन्धित स्थान जहां जैसे और जिन परिस्थितियों में हैं कागजात सहित सरकार के हाथों में सौपने को तैयार है। सरकार उसे अपने हाथों में ले ले, हम व्यापारी रोजाना 10 घण्टे दुकान पर काम करके वापस चले जायेंगे, इसके बदले सरकार हमारे और हमारे परिवार की जीविका का बंदोबस्त कर दे। वरना जीएसटी के वर्तमान स्वरूप के विरोध की गूंज बहुत दूर तक जायेगी। जिला महामंत्री सूर्य कुमार शुक्ल ने कहा कि सरकार का इरादा टैक्स वसूल करने से ज्यादा व्यापारियों को जटिल प्रक्रिया में उलझाये रखना है, अन्यथा प्रक्रिया जितनी सरल होती है उतनी ही प्रभावी।
जीएसटी को लेकर देशभर में जो माहौल नही बन पा रहा है उसके पीछे जटिल प्रक्रिया ही खास वजह है। नंदकिशोर साहू ने कहा लाखों व्यापारी शपथ पत्र भेजकर सरकार का ध्यान अपने सुझावों की ओर खीचेंगे, इसके बाद भी बात नही बनी तो हम आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। पत्रकार वार्ता में संजय अग्रवाल, रविन्द्रपाल सिंह (जल्लू), अरविन्द कुमार, रवि कुमार, चंदी प्रसाद, सत्येन्द्र कुमार, सूर्य प्रकाश, रामेश्वर प्रसाद, बैजनाथ, जगदीश प्रसाद, मन्नू, तीरथ प्रसाद, राहुल कौशल, विनोद कुमार सिंह, रविन्द्रपाल सिंह, लगदीश प्रसाद गुप्ता, सोमनाथ गुप्ता, कैलाश नाथ गुप्ता, जगमोहन गुप्ता, भगवानदीन, अदालत प्रसाद, प्रदीप कुमार, शुभम कुमार, अवधेश गुप्ता गीता देवी, अरूण कुमार सिंह, बृजमंगलदेव बरनवाल, शेर अली, देवेन्द्र श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।


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