वास्तु में पर्स :पर्स एक महत्वपूर्ण भूमिका रखता है जैसे मासिक वेतन मिला तो गया पर्स में अर्थात पूरे महीने की आमदनी को हमने पर्स के हवाले कर दिया वस्तुओं के खरीद-फरोख्त में भी पर्स सामने आता है किसी वस्तु को खरीदने से नुक्सान हुआ तो किसी में फायदा हुआ या कभी पर्स पाकेटमार ने पार कर दिया तो कभी पर्स में रखे धन की बरकत खत्म हो जाती है सुबह रुपये रखो और शाम आते ही पर्स खाली।
इन्हीं बातो को ध्यान में रख कर यदि हम पर्स को वास्तु के नियमों के अनुसार रखे तो हमे पर्स के द्वारा भी बरकत मिल सकती है और धन के नुक्सान से बच सकते है।
:पर्स में रूपये कभी भी मोड या फोल्ड कर ना रखे।
:पर्स में कभी भी रुपयों के साथ कोई बिल-रसीद या टिकट ना रखे इससे विवाद बड़ता है ।
:पर्स में सिक्कों की व्यवस्था अलग हो तथा बंद कर के रखें पर्स खोलते समय सिक्का नीचे नहीं गिरना चाहियेइससे अपव्यय बढता है।
: प्रत्येक जन्म दिवस पर अपने पर्स में एक नोट (छोटा या बड़ा)पर अपने पिता या माता के हाथों से केसर का तिलक लगा कर पूरे वर्ष के लिए रख दे अगले जन्म दिवस पर किसी कन्या को दें पुन:माता या पिता से तिलक करवा कर वर्ष हेतु रख लें।
:अपने पर्स में किसी पूर्णिमा को लाल रेशमी कपडे में चुटकी भर या २१ दाने अखंडित चावल बाँध कर छुपा कर रखने से बेवजह खर्च नहीं होता है।
:यदि पर्स कभी फट या कट जाय तुरंत बदल दें।
: यदि कर्ज का ब्याज देना हो तो वह रूपये पर्स में भूल कर भी ना रखे रखोगे तो कर्ज नहीं उतरेगा.बल्कि और चड़ने की संभावना रहेगी।
: पर्स बायीं जेब में रखना अति शुभ माना गया है पर्स
में कभी भी बीड़ी/सिगरेट या गुटखा आदि ना रखें।
आचार्य पवन तिवारी
9621203721


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