सियार सिंगी :अगर व्यापार न चल पा रह हो यां जीवन में उन्नति न हो पा रही हो ,कई बार इर्षा के कारण कुछ लोग तंत्र प्रयोग कर देते हैं जिससे दूकान में ग्राहक नहीं आते या कार्य सफल नहीं होते इसलिए एक और प्रयोग दे
रहा हूँ इन परस्थितियों में यह प्रयोग राम बाण की तरह असर करता है।
बुधवार के दिन सियार सिंगी को किसी स्टील की प्लेट में स्थापित कर दें इसपर कुमकुम या केसर का तिलक लगाये फिर इसपर चावल और फूल अर्पित करें और निम्न मंत्र का जप आसन में बैठ कर करें।
ॐ नमो भगवती पद्मा श्रीम ॐ हरीम, पूर्व दक्षिण उत्तर पश्चिम धन द्रव्य आवे , सर्व जन्य वश्य कुरु कुरु नमः
इस मंत्र का मात्र १०८ बार जप २१ दिन इस सियार सिंगी के सामने करें २१ दिन के बाद इसको किसी डिब्बी में संभल कर रख ले अगर दूकान न चल रही हो तो दूकान में किसी सुरक्षित स्थल में रख दे और केवल २१ बार इस मंत्र का उच्चारण करें इस प्राथना को करने वाले को कभी धन की याचना नहीं करनी पड़ती अपितु धन उसकी और स्वयं ही आकर्षित होता रहता है।
यदि इसे हत्था जोड़ी के साथ रखा जाए तो यह बहुत शक्तिशाली हो जाती है l और धन-सम्पति, वशीकरण, शत्रु शमन मे व्यक्ति सशक्त हो जाता है l जिस व्यक्ति के पास यह होती है l उसे किसी बात कि कमी नहीं होती l उसकी लगभग सभी इछचाये पूर्ण हो जाती है।
आचार्य पवन तिवारी


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