वासुदेव यादव
अयोध्या । फैजाबाद: सूबे के योगीराज में भी साधु संतों को न्याय नहीं मिल रहा है। इसी कारण उनको थाने में ही आत्मदाह का प्रयास करना पड़ रहा है। मंगलवार को ऐसा ही एक वाकया अयोध्या राम जन्म भूमि थाने में घटित हुआ।
मामला यह था कि रामदास त्यागी 50 वर्ष मध्य प्रदेश से अयोध्या दर्शन हेतु आया। वह बड़ी छावनी में 4 दिन पूर्व रुका था , 2 दिन पहले अयोध्या हनुमानगढ़ी दर्शन के दौरान उसका सामान व नकदी चोरी हो गया । उसने चोर को पकड़ कर राम जन्म भूमि थाने के हवाले कर दिया । पीड़ित साधु रामदास त्यागी का आरोप रहा कि पुलिस वालों ने चोर को पैसा लेकर छोड़ दिया। जबकि मेरा मुकदमा नहीं दर्ज किया। मैं 2 दिन से भूखा प्यासा रहा मेरी सुनवाई योगी सरकार में भी नहीं हुई। लापरवाह व उदासीन थानाध्यक्ष राजीव सिंह ने मुझको गाली व डांटकर भगा दिया । आज मंगलवार की देर शाम जब मैं शेर न्याय हित राम जन्म भूमि थाने गया तो मेरी रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
इसके कारण मैंने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा लिया । जिससे मेरा शरीर 70% जल गया पुलिस की लापरवाही के कारण मुझे आत्मदाह का प्रयास करना पड़ा । रामदास त्यागी मांग किया कि लापरवाह थानाध्यक्ष व दोषी पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही कि जाए व मुकदमा दर्ज कर मेरा सामान दिलवाया जाए।
इस घटना से पीड़ित रामदास त्यागी की हालत गंभीर बनी हुई है पुलिस ने उसको श्री राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया हालत गंभीर देख कर डॉक्टर ने जिला हॉस्पिटल रेफर कर दिया । लेकिन वहां के डॉक्टरों ने भी उसे लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया है। वही इस घटना का जांच करने के बाद कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने राम जन्म भूमि थानाध्यक्ष राजीव सिंह सहित तीन अन्य सिपाही को सस्पेंड कर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।


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