वासुदेव यादव
अयोध्या-फैज़ाबाद। मखक्षेत्र मखौड़ा स्थित पुरातन श्रीराम जानकी मंदिर प्रांगण से विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी दशरथ महल बड़ास्थान के वैष्णवकुलभूषण गौसंत परमार्थ सेवी बिंदुगाद्याचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीदेवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज की अध्यक्षता में भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीराममहायज्ञ का श्रीगणेश हुआ।
ज्ञात हो कि मखौड़ाधाम बस्ती में प्रतिवर्ष सुभव्य श्रीराम महायज्ञ संपादित होता है। इस वर्ष चक्रवर्ती महाराज श्रीदशरथ जी का राजमहल बड़ास्थान अयोध्या से यज्ञाध्यक्ष बिंदुगाद्याचार्य पूज्य स्वामी श्री देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज के साथ संत-धर्माचार्यों ने मखौड़ा में होने वाली श्रीराममहायज्ञ की शोभायात्रा में सहभागिता हेतु प्रातः 9 बजे प्रस्थान किया।
यज्ञ में सहभागी बने संत समिति अयोध्या के यशस्वी श्रीमहंत कन्हैयादास रामायणी, रसिकाचार्य स्वामी श्रीदेवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज, बड़ाभक्तमाल के महामंडलेश्वर श्रीअवधेश दास जी महाराज, तनतुलसीपीठाधीश्वर ज.गु.स्वामी श्री विष्णुदेवाचार्य जी महाराज, महंत रामभूषण दास कृपालु जी महाराज, महंत रामशंकर दास रामायणी, महंत नागा रामलखन दास, महंत केशवाचार्य, हरैया के भाजपा विधायक राजेश सिंह, यज्ञाचार्य पंडित विष्णुदेवनायक शास्त्री, नंद कुमार मिश्र पेड़ा महाराज, पूर्व प्रधान गुरूचरण यादव, पुजारी प्रभुदास, महंत रामरतन दास, मखौड़ा मित्र मंडल के पदाधिकारी विनोद कुमार पांडेय, रामसेवक वर्मा, रक्षाराम, रामबहादुर पांडेय, चंद्रधर शुक्ल, विद्यावती पांडेय सहित बड़ी संख्या में अन्य संभ्रांतजनों ने भागीदारी निभाई। मखौड़ा से धूमधाम से बाजे-गाजे के साथ दिव्य-भव्य रथ पर आरूढ भगवान श्रीराम लक्ष्मण के स्वरूप जय श्रीराम के गगन भेदी नारों के साथ गाड़ियों के लंबे काफिले में परशुरामपुर, कोहराएं, नेदुला होते हुए वापस मंदिर पहंुची। इस विशाल शोभायात्रा का मार्ग में जगह-जगह भक्तों द्वारा शरबत, मिष्ठान, शीतल जल से स्वागत सत्कार किया गया। शोभायात्रा में थानाध्यक्ष परशुराम बस्ती के निर्देशन में दर्जनों पुलिस उपनिरीक्षक एवं सुरक्षा कर्मी मुस्तैद रहे। बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने कलश यात्रा में भाग लिया।
इस धार्मिक यज्ञ के मुख्य यजमान पूना से पधारे कुंवर भवान सापरिया यज्ञ में सहभागी बने। यज्ञ के आयोजक श्री सूर्यनारायण दास वैदिक एवम स्वामी कृपालु जी महाराज ने यज्ञ की शोभायात्रा में पधारे संतों-महंतों एवं विशिष्टजनों का माल्र्यापण कर स्वागत सत्कार किया।
यहां पर यज्ञ में नित्य रामकथा संतों का प्रवचन, हवन, अन्नक्षेत्र संचालित होगा। 24 अप्रैल को यज्ञ की पूर्णाहुति होगी। इस आयोजन में कई प्रांतो व जिला के अलावा आसपास के भक्त गण शामिल रहे।



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