गोण्डा:- रमऊपुर मोहनीजोत सम्मय माई मंदिर के परिसर में चल रहे नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ व रामकथा के सातवें दिन सोमवार को भक्तों ने श्रीराम विवाह की भव्य झांकी देखी। मंदिर परिसर में श्रीराम विवाह व धनुष भंग के प्रसंग लोगों ने बड़े भाव से सुना। रंग भूमि जब सिय पगु धारी, देख रूप मोहे नर नारी जैसे पंक्तियों से कथावाचक बालव्यास योगेश कृष्ण महाराज ने विवाह के पूरे प्रसंग का सजीव चित्रण किया तो पूरा परिसर श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। उल्लास में डूबे भक्त भजनों की तान पर काफी देर तक झूमते रहे। कथावाचक बालव्यास योगेशकृष्ण महाराज ने रामकथा का महत्व समझाते हुए कहा कि गृहस्थ जीवन में शांतिपूर्वक रहकर भगवान राम की कथा सुनने से कलयुग में कल्याण की प्राप्ति होती है। जीवन में शांति की जरूरत है। शांति से सुख की प्राप्ति होती है। सुख के दाता राम हैं। उन्होंने कहा कि कुसंगत से बच कर रहना भी सत्संग है। रामकथा को सुनने के लिए रविवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
इस मौके पर शिवपूजन मौर्य, मंजू देवी, राजकुमारी , ममता, विमला, शिमला , जनार्दन पंडित , दीपक, रिंकू अभिमन्यु, संजय , सियाराम, पिंकू सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।


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