अमरजीत सिंह
फैजाबाद: उत्तर प्रदेश में 1112 मानवरहित क्रासिंग पर रोज मौत से समाना होता है बच्चे, बूढ़े, जवान, पैदल राहगीर, दिवपहिया वाहन, चौपहिया और भारी वाहन यहां से खौफ के साथ गुजरते हैं। कुछ समय के लिए भी बेखौफ हुए तो सामने मौत खड़ी होती है। कोई न कोई हादसा हो जाता है।भारतीय रेलवे चरणबद्ध तरीके से सभी मानव रहित क्रासिंग को बंद करने का निर्णय ले चुका है। इससे पहले रेलवे करीब 48 प्रतिशत क्रासिंग बंद कर चुका है। कुछ स्थानों पर क्रासिंग बंद कर सब-वे बनाए गए हैं।जहां क्रासिंग खुले है वहां चेतावनी बोर्ड लगे हैं। रेलवे की चालू योजना के तहत 2020 तक भातीय रेल मानव रहित क्रासिंग से मुक्त हो जाएगी। इस बीच कई हादसे हुए है लेकिन लोगों ने इससे सबक नहीं लिया। मानवरहित क्रासिंग तो दूर मानव युक्त और घेटबंद क्रासिंग से भी गुजरकर लोग हादसों को दावत देते नजर आते हैं।उल्लेखनीय है कि रेल दुर्घटनाओं से बचने के लिए मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर होमगार्ड तैनात करने का फैसला लिया था। इसके लिए लिखापढ़ी भी की गई लेकिन इस पर अमल की कहानी तो आए दिन होने वाले हादसे कह रहे हैं


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