डॉ ओपी भारती
गोण्डा। लेके बैंड - बाजा आये दूल्हे राजा, पर सखी के दरवाजा खोलने से पहले पुलिस ने थाने का दरवाजा खोल दूल्हे राजा को हवालात में पहुचा दिया। घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र की है। हुआ यह कि बारात लेकर पहुंचे दूल्हे की हसरतों पर मोबाइल फोन के एक कॉल ने पुलिस का पहरा बैठा दिया। दूल्हे राजा दूसरी शादी करने के अपने इरादे में तो कामयाब नहीं हुए, लेकिन थाने जरूर पहुंच गए।
जिले के पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह के आदेश का असर दिखाई देने लगा है। उन्होंने मातहतों की मीटिंग में सख्त निर्देश दिया था कि किसी भी तरह की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि इसमें लापरवाही किसी भी दशा में क्षम्य नहीं होगी। एसपी के इस आदेश का असर बीती रात जिले की मोतीगंज थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जब मोबाइल फोन पर आई एक कॉल से थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्र तुरंत हरकत में आ गए और मयफोर्स मौके पर पहुंचकर एक मासूम लड़की की जिंदगी बर्बाद होने से बचा लिए। दरअसल, मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्र को उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि एक व्यक्ति धोखा देकर दूसरी शादी कर रहा है, जबकि पहली पत्नी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष श्री मिश्र मयफोर्स मौके पर पहुंचे और फेरे लेने जा रहे दूल्हे को कब्जे में ले लिए। पुलिस को देखकर लड़की पक्ष में हड़कंप मच गया और बाराती भी हक्का-बक्का रह गए। इस बीच पहली पत्नी अपने परिजनों के साथ वहां पहुंच गई। पुलिस की पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने लड़की तथा उसके परिजनों के पैरों तले से जमीन ही खिसका दी।
नगर कोतवाली क्षेत्र के धनौली निवासी अवधेश वर्मा पुत्र शोभाराम वर्मा का विवाह हिंदु रीति रिवाज के साथ कोतवाली नगर क्षेत्र के ही शेखपुरा गांव के हरीराम की पुत्री नीलू के साथ वर्ष 2010 में हुआ था। कुछ साल बाद दोनों में किसी बात को लेकर अनबन हो गई और अवधेश ने नीलू को ले जाने से इंकार कर दिया। तमाम पंचायत के बाद भी जब सुलह की तरकीब नहीं निकली तब मामला न्यायालय में पेश किया गया। इस बीच अवधेश वर्मा की शादी मोतीगंज थाना क्षेत्र के वीरेपुर गांव के गोकरन वर्मा के यहां तय हो गई। बताते हैं कि अवधेश ने लड़की पक्ष से इस बात को छुपाया कि उसकी शादी हो चुकी है और उसका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। इस तरह अवधेश नाम के इस 'नटवरलाल' ने न सिर्फ दो परिवारों को बल्कि माननीय न्यायालय को भी अंधेरे में रखने का दुस्साहस किया। बताया जाता है कि जब इस शादी की जानकारी उसकी पहली पत्नी नीलू को हुई, तो उसके होश उड़ गए। उसने इसकी सूचना मोतीगंज थानाध्यक्ष को मोबाइल फोन पर दी और अपने परिजनों के साथ वीरेपुर गांव पहुंच गई।
![]() |
मोतीगंज थानाध्यक्ष प्रियम्बद मिश्र ने बताया कि पहले तो वह शादीशुदा होने की बात से मुकर गया, लेकिन जब थोड़ी सख्ती बरती गई तब उसके पिता ने पहली पत्नी को लेकर न्यायालय में चल रहे मुकदमे के कागजात दिखाए। एसओ ने बताया कि चूंकि उसकी पहली पत्नी से अभी तक तलाक नहीं हुआ है और मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में दूसरा विवाह पूरी तरह असंवैधानिक एवं गैरकानूनी है। इसके मद्देनजर विवाह रोक दिया गया और दूल्हे तथा उसके पिता व उसकी पहली पत्नी और उसके पिता को थाने पर ले आया गया है।
बहरहाल, इस मामले में थाने पर दोनों पक्षों के बीच सुलह समझौते की प्रक्रिया चल रही है। लड़की पक्ष शादी की तैयारी से लेकर बारात के सत्कार व भोजन आदि पर खर्च किए गए रूपयों की मांग पर अडिग है। लड़की के परिजनों का कहना है कि उन्हें अंधेरे में रखकर शादी तय की गई। उन्होंने मोतीगंज थानाध्यक्ष के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते साहब पहुंचकर शादी न रोकवा दिए होते तो उसकी लड़की की जिंदगी बर्बाद हो जाती।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ