अमरजीत सिंह
फैजाबाद :रुदौली तहसील क्षेत्र मे लेखपाल बिपक्षी की मिलीभगत व दबंगई के बल पर जबरन सरकारी नाफ से आक्रोशित परेशान एक किसान ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोटल पर ऑनलाइन शिकायत कर कार्यवाही की मॉग की
मामला दफिया पुर ग्राम सभा का है गॉव निवासी रामनरेश यादव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोटल पर शिकायत की पीड़ित का आरोप है कि गाटा संख्या 442/0.364 हेक्टेयर व 443/0.396 हेक्टेयर राम आशीष पुत्र मथुरा प्रसाद के नाम संक्रमणीय भूमि सरकारी अभिलेख में दर्ज है उसी के बगल मे गाटा सख्या 440/0.459 हेक्टेयर वीरमती पत्नी अमृतलाल निवासी जुनैदपुर के नाम सरकारी अभिलेख मे है जिस पर सरकारी नाप कराने के लिए वीरमती ने एसड़ीएम न्यायालय मे प्रार्थना पत्र दिया था जिस पर एसड़ीएम पंकज सिंह ने 4 अप्रैल को सरकारी नाप का आदेश पारित कर दिया नाप का आदेश 11 अप्रैल को सुनते ही पीड़ित के मॉ रामावती का निधन हो गया निधन के बाद पीड़ित रामनरेश यादव ने अपनी आपबीती हल्का लेखपाल यशवंत सिंह सुनाई जिस पर लेखपाल ने तेरहवीं संस्कार पूरा होने के बाद ही नाप करने का आश्वसन दिया
साथ ही पीड़ित ने बताया कि तेरहवीं के एक दिन पहले ही हल्का लेखपाल यशवंत सिंह पहुचे और बिपक्षी से मिलकर सरकारी नाप की प्रक्रिया शुरु कर दी उस दौरान हम सभी रुदौली बाजार तेरहवीं का समान लेने गये थे घर की महिलाओ ने तेरहवीं के बाद नाप करने की मॉग की लेकिन लेखपाल ने एक न सुनी और नाप करके हमारी ही जमीन मे बिपक्षी को दे दिया जबकि पक्की नाप की रिपोर्ट मे कानून गो ने हमारी जमीन कम होने का जिक्र किया है वावजूद हमारे ही खाते से कटौती कर बिपक्षी का रक्बा पूरा कर दिया हमे अंदेशा है कि हल्का लेखपाल बिपक्षी से मोटी रकम लेकर अपने ही बातों से मुकर गये और तय समय सीमा के पहले ही नाप कर इतिश्री कर दिया
इस बाबत में हल्का लेखपाल ने बताया कि एसड़ीएम कोर्ट से हकबरारी का आदेश था जिसको नाप कर पूरा कर दिया गया जब सरहद से नाप करने व बिपक्षी की जमीन पहले से कम होने के सवाल पर जबाब मे कहा कि एसड़ीएम कोर्ट के आदेश पर नाप करने गया था सरहद का कोई मामला ही नही है जब पूछा गया कि क्या एसड़ीएम कोर्ट ने आदेश किया था कि जिसका रक्बा पहले से कम है उसी के खेत से पूरा करने को कहा था तब बोले हा


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