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अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में जिले को मिले 12 पदक


अखिलेश्वर तिवारी

खिलाड़ियों ने जीते दो स्वर्ण दो रजत तथा 8 कांस्य पदक
सांसद श्रावस्ती ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर भारत के सबसे पिछड़े 115 जनपदों में से एक है जहां पर तमाम तरह की सुविधाएं व संसाधन उपलब्ध नहीं है । ऐसे पिछड़े क्षेत्र में तमाम संसाधनों के अभाव में भी कुछ प्रतिभावान खिलाड़ी हैं जो जिले का नाम पूरे देश प्रदेश यहां तक कि विदेशों में भी रोशन कर रहे हैं । आज हम बात कर रहे हैं ताइक्वांडो खेल का जिसमें जनपद के खिलाड़ी विशेषकर बालिकाएं भारत की ओर से लगातार प्रतिभाग कर रही हैं और स्वर्ण पदक रजत पदक तथा कांस्य पदक प्राप्त कर रही हैं । गत 26 से 29 अप्रैल तक दिल्ली के खेल मैदान में आयोजित हुई तीसरे इंडिया ओपन अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए बलरामपुर के 12 खिलाड़ियों ने पदक हासिल किया है जिनमें दो स्वर्ण पदक, 2 रजत पदक तथा 8 कांस्य पदक शामिल हैं । जिन खिलाड़ियों ने पदक जीते हैं  उनमें सोनम आनंद स्वर्ण पदक,  पलक दुबे स्वर्ण पदक,  रिदा खान रजत पदक , अन्वेष सिंह  रजत पदक तथा अर्पिता त्रिपाठी,  सृष्टि यादव , स्वप्निल श्रीवास्तव, शशांक श्रीवास्तव, आदित्य दुबे, श्वेत शुक्ला,  के एस प्रणव व आदित्य वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया है । 
सांसद श्रावस्ती दद्दन मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार सीमित संसाधनों में यहां के प्रतिभावान खिलाड़ी स्वर्ण पदक रजत पदक तथा कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश प्रदेश व जिले का नाम रोशन कर रहे हैं उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है । इन खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए वह अपने तरफ से पूरा प्रयास करेंगे ताकि शासन स्तर से इन प्रतिभावान खिलाड़ियों को सहयोग मिल सके और आगे चलकर यह ओलंपिक खेलों में अपने देश का गौरव बढ़ाएं तथा जिले का नाम रोशन करे । स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी सोनम आनंद का कहना था कि जिला स्तर पर उन लोगों को कोई सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा रही हैं इसके बावजूद वे लोग अपनी खुद की मेहनत तथा कोच जियाउल हसमत के कुशल निर्देशन में यह मुकाम हासिल कर रही हैं । इन लोगों का सपना है कि ओलंपिक खेलों में भारत की ओर से स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाएं तथा अपने जिले का नाम रोशन करें । ताइक्वांडो कोच जियाउल हसमत का कहना था कि इसमें कोई शक नहीं कि यहां के खिलाड़ी काफी प्रतिभावान है परंतु इन्हें शासन अथवा प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है । खेल के नाम पर शासन द्वारा आ रहे सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है । यदि थोड़ा भी सहयोग इन खिलाड़ियों को मिल जाए तो निसंदेह ये खिलाड़ी आगे चलकर भारत के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतेंगे । कार्यक्रम के दौरान ताइक्वांडो समिति के उपाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव डॉक्टर प्रांजल त्रिपाठी डॉ इसरार अहमद संजीव श्रीवास्तव आलोक कुमार चंद्रशेखर यादव शिवकुमार मिश्र दिनेश कुमार के अलावा अन्य पदाधिकारी तथा अभिभावक व खिलाड़ी मौजूद थे ।

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