शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। यू.पी. जर्नलिस्ट्स एशोसिएशन (उपजा) प्रतापगढ़ शाखा एवं प्रचार विभाग (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के संयुक्त तत्वावधान में अजीत नगर ठकुरइया स्थित उपजा उपाध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह बबलू व्यूरो चीफ विश्वविजेता टाइम्स के आवास पर देवर्षि नारद जयंती मनायी गया। इस अवसर पर उपजा द्वारा जनपद के दो प्रतिष्ठित वरिष्ठ पत्रकारों राजेश शुक्ल व शीतला प्रसाद त्रिपाठी को ‘‘देवर्षि नारद सम्मान’’ प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता उपजा जिलाध्यक्ष सन्तोष भगवन तथा संचालन महामंत्री अमित शुक्ल ने किया। समारोह को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख अनिल मिश्र, जिला संघ चालक चिन्तामणि,सत्येन्द्र नाथ मिश्र,‘मृदुल’ श्याम शंकर शुक्ल ‘श्याम’,राजेश प्रतापगढ़ी,राजेश शुक्ल,दीनबन्धु, सन्तोष पाण्डेय,अनिल विद्यार्थी, अमित शुक्ल, सन्तोष भगवन आदि ने सम्बोधित कर देवर्षि नारद के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला।
दीपप्रज्जवलन, स्वस्तिवाचन और सरस्वती वन्दना से प्रारम्भ हुए जन्मोत्सव अवसर पर मुख्य वक्ता पं0 राम मूर्ति त्रिपाठी वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि आदि पत्रकार देवर्षि नारद ने लोक मंगल के लिए कार्य किया उन्होंने देवदानव के बीच सेतु का कार्य करते हुए आम जनता के हितों की रक्षा की। नारद जी के आदर्शो पर आज के पत्रकारों को चलते हुए मै से हम के विचार को प्रवर्तित करना चाहिए। प्रचार प्रमुख (आर.एस.एस.) अनिल मिश्र ने कहा कि सृष्टि के प्रथम पत्रकार देवर्षि नारद के व्यक्तित्व से सीख लेते हुए हम सभी को निष्पक्षता, निर्भीकता व स्वतंत्रता से पत्रकारिता करनी होगी वर्तमान परिस्थितियों में पत्रकार भले ही स्वतंत्र हो किन्तु उसकी लेखनी परतंत्र है।
वहीं राजेश प्रतापगढ़ी ने कहा कि ‘‘ये जमी बदलेगी आसमान बदलेगा तुम अपने कलम की स्याही न सूखने देना,मुझे यकीं है मेरा हिन्दुस्तान बदलेगा’’ और ‘‘मेरी कलम की धार है तलवार की तरह, मै बिक नहीं सकता हूं किरदार की तरह’’
सत्येन्द्र मृदुल ने कहा कि ‘‘जरा सोचो कि कैसे मुल्क की किस्मत संवर जाये, जुबां पर नाम तेरा होे तु खूशबू बन बिखर जाये। श्याम श्ंाकर शुक्ल श्याम जी ने कहा कि ‘‘जिन्दगी की हकीकत समझ लीजिए,रास्ता हो गलत तो बदल लीजिए’’
समारोह मे राजेश शुक्ल,रमेश तिवारी, गिरीश ओझा, राजेन्द्र शुक्ल, अनिल विद्यार्थी, अनुज कुमार सिंह, आशीष त्रिपाठी, राजेन्द्र पाण्डेय,हरिनाथ मिश्र, सम्पूर्णानन्द मिश्र, विनय प्रताप सिंह ,धीरेन्द्र कुमार तिवारी, डा. संजय मोेैर्या, बजेन्द्र सिंह बबलू, क्षितिज कुमार श्रीवास्तव,आनन्द मोहन ओझा, सन्तोष पाण्डेय, राजेश प्रतापगढ़ी, सत्येन्द्र नाथ मिश्र, मृदुल, बबलू राय, रामकृष्ण मिश्र, कार्तिकेय द्विवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।


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