शिवेश शुक्ला
रचना प्रतियोगिता के त्रिचक्रीय मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ वर्ग चुनी गई डॉ० रत्न की रचनाएं
प्रतापगढ । हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी नई दिल्ली द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रथम हिन्दुस्तानी भाषा काव्य प्रतिभा सम्मान समारोह में बेल्हा (प्रतापगढ़) के लब्ध प्रतिष्ठ कवि-लेखक डॉ० दयाराम मौर्य 'रत्न' को "हिन्दुस्तानी भाषा काव्य प्रतिभा सम्मान" से नवाजा गया। शानदार स्मृति चिह्न के साथ अंगवस्त्रम तथा सम्मान पत्र भेंट किया गया। डॉ० रत्न की जीवन-उपलब्धियों का वाचन भी हुआ।
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गौरतलब है कि हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय गीत रचना प्रतियोगिता में डॉ० दयाराम मौर्य 'रत्न' की रचनाएं सर्वश्रेष्ठ वर्ग में चयनित हुईं। गीतों से कवियों का नाम हटाकर कविताओं की कोडिंग करके अंतरराष्ट्रीय गीतकारों द्वारा तीन चक्रों में मूल्यांकन कराया गया। निर्णायक मण्डल में सुप्रसिद्ध गीतकार डॉ० लक्ष्मी शंकर बाजपेई, डॉ० सीता सागर तथा डॉ० धनन्जय सिंह शामिल रहे। विशेष बात यह है कि डॉ० दयाराम मौर्य 'रत्न' की सर्वश्रेष्ठ पाई गई रचनाओं को अकादमी द्वारा प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय गीत संग्रह "शब्द साधना" में प्रकाशित किया गया तथा उसकी एक प्रति डॉ० रत्न को सम्मान के साथ भेंट की भेंट की गई । उस समय सभागार करतल ध्वनि से गूँज उठा जब पत्रकार डॉ० सुरजीत सिंह 'जोबन', सुप्रसिद्ध गीतकार महेश्वर तिवारी, अकादमी के अध्यक्ष सुधाकर पाठक तथा निर्णायक मण्डल ने डॉ० रत्न को " हिन्दुस्तानी भाषा काव्य प्रतिभा सम्मान " से अलंकृत किया।उल्लेखनीय है कि प्रतियोगिता तथा समारोह में नेपाल, मारीशस, वर्मा तथा आस्ट्रेलिया इत्यादि देशों सहित समस्त भारत के प्रतियोगियों ने प्रतिभाग किया। उक्त उपलब्धि पर बधाई देते हुए एलायन्स क्लब इंटरनेशनल के एमसीसी नार्थ के एडवाइजर रोशनलाल ऊमरवैश्य ने कहा कि अलौकिक सृजनधर्मिता के धनी डॉ० दयाराम मौर्य 'रत्न' उक्त उपलब्धि से बेल्हा का मान बढ़ाया है। बधाई देने वालों में ट्रस्टी आनन्दमोहन ओझा, साहित्यकार रामानुज पाल भ्रमर, शिक्षक राकेश कनौजिया, अखिलनारायण सिंह, वृजेन्द्र पाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार तथा प्रबुद्ध जन शामिल हैं।


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