डॉ ओपी भारती
गोंडा: न कोई खाता न बही मनमानी पूर्वक सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर खरीददारी हो रही है। और तो और गेड़सर का क्रय केंद्र बलेश्वरगंज में गुमनाम जगह पर संचालित हो रहा है। इसकी पोल सोमवार को तरबगंज विधायक प्रेम नारायन पांडेय एवं तहसीलदार श्याम कुमार की संयुक्त टीम के औचक निरीक्षण में खुली।
टीम के मझारा के धन्नीपुरवा पहुँचने पर चौकीदार सुरेश कुमार ही क्रय केंद्र का संचालन कर रहा था।सचिव सत्यप्रकाश सिंह अनुपस्थित रहे। मौके पर कोई अभिलेख नही मिला। नमी जांच करने का यंत्र प्रयोग न करने से खराब हो चुका था।चौकीदार के अनुसार वही खरीददारी करता है। सचिव कई दिनों के अंतराल पर आते -जाते रहते हैं। इस केंद्र को 10हजार कुंतल गेंहू खरीद का लक्ष्य मिला है जो 15 जून तक पूरा करना है अब तक 4870 कुंतल की खरीदी दिखाई गई। किन्तु किसानों का विवरण नही था। इसके बाद टीम बलेश्वरगंज कस्बे से भसमपुर मार्ग पर एक निजी भवन में पहली बार संचालित क्रय केंद्र पर पहुँचे । यहां की स्थित और भयावह रही। यहां एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा के अलावा कोई उपकरण नही मिला। यहां के सचिव का प्रभार मझारा सचिव के पास ही है। पीसीएफ अधिकारी के मनमानी का आलम ये है कि गेड्सर के लिए आवंटित क्रयकेन्द्र 12 किमी दूर बलेश्वरगंज में संचालित किया जा रहा है । वो भी गुमनाम जगह पर इस क्रयकेन्द्र को 25 हजार कुंतल खरीदने का लक्ष्य मिला है । और भुगतान के लिए 25 लाख रुपये भी । जिसकी जानकारी क्षेत्रीय लोगो को नही है। शासन से 1735 रुपये प्रति कुंतल के साथ - साथ 10 रुपए प्रति कुंतल बोनस भी दिए जाने का निर्देश है । किन्तु बोनस का लाभ किसानों को नहीं दिया जा रहा है । मौके पर बोरे का स्टाक भी नहीं मिला । सचिव द्वारा बताये गये आंकड़े भी वास्तविकता से काफी दूर दिखे । सचिव एंव केन्द्र प्रभारी की मनमानी से नाराज तहसीलदार ने सचिव को कार्यशैली सुधारने व दो दिन के अंदर संपूर्ण अभिलेखीय विवरण के साथ तहसील मुख्यालय पर उपस्थित होने का निर्देश दिया ।
गुरुवार को विधायक के रात्रि प्रवास के दौरान आयोजित चौपाल कार्यक्रम में गेंहू क्रय केन्द्रों पर अनियमितता की शिकायत मिली थी , जिसके क्रम में विधायक ने तहसीलदार के साथ मिलकर यह छापे मारी की । विधायक ने बताया कि क्रम चारियों को सुधरने के लिए 1 वर्ष का समय दिया गया । अब सीधी कार्वाही होगी ।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ