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ब्लाक प्रमुख ने गेहूं क्रय केंद्र पटरंगा में पकड़ी तौल में हेराफेरी


अमरजीत सिंह 
फैजाबाद:मवई ब्लाक प्रमुख राजीव तिवारी ने विपणन विभाग के गेहूं क्रय केंद्र पटरंगा का औचक निरीक्षण किया।जहां पर गेहूं खरीद में रही हेराफेरी उजागर हुई।यहां पर तौल रजिस्टर में पांच अप्रैल से तौल गेहूं का विवरण ही नहीं दर्ज किया गया था।तौल रजिस्टर से अधिक गेहूं गोदाम में मिला।ब्लाक प्रमुख ने पूरे मामले से एसडीएम व जिला विपणन अधिकारी को अवगत कराया है।उन्होंने बताया कि विधायक रामचंद्र यादव के माध्यम से अफसरों की इस कारस्तानी को सीएम योगी को भी अवगत कराया जाएगा।मंगलवार की दोपहर लगभग 12 बजे ब्लाक प्रमुख राजीव तिवारी पटरंगा गेहूं क्रय केंद्र पहुंचे।यहां पर क्रय केंद्र प्रभारी प्रवीण कुमार अनुपस्थित मिले।और क्रय केंद्र प्रभारी की अनुपस्थिति में एक प्राइवेट व्यक्ति रामजीत निवासी नियामतगंज बाराबंकी तौल कराते हुए मिला।ब्लाक  प्रमुख ने विपणन सहायक रमेश चंद्र से रजिस्टर मांगा।रजिस्टर देखकर वह नाराज हो गए।उसमें तीन दिन से तौल का विवरण ही अंकित नहीं मिला।किसानों से तौल के बावत समस्या पूछी।किसान देबेंद्र शुक्ल व विनोद मौर्य ने तौल न होने की शिकायत करते हुए कहा कि वे कई बार तौल कराने गए पर उनका गेहूं नही लिया गया।क्रय केंद्र पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने पर प्रमुख भड़क उठे।विपणन सहायक ने घड़ा फूट जाने की बात कही। क्रय केंद्र से थोड़ी दूर पर बिचौलियों की गेहूं लदी दो पिकप भी खड़ी मिली।मौके से ही दूरभाष पर ब्लाक प्रमुख ने विधायक व एसडीएम को पूरी स्थिति से अवगत कराया।एसडीएम पंकज सिंह ने बताया कि शिकायत मिली है।जांच कर कार्रवाई की जाएगा

विचौलिये के हाथ लूटे जा रहे धरती के भगवान
धरती के भगवान कहे जाने वाले किसानों को उनकी फसल का निर्धारित समर्थन मूल्य देने के लिये सरकार नई नई तरकीब निकाल रही है।लेकिन विचौलिये उसका भी तोड़ निकाल लिये है।किसान अपना गेहूं बेचने के लिये अपनी खतौनी दर्शाते हुए पहले ऑनलाइन कराता है।फिर उसके अनाज की तौल होती है।सरकार ने ये व्यवस्था विचौलियों की कमर तोड़ने के लिये की थी।लेकिन विचौलिये उसका तोड़ निकालते हुए जो किसान अपना अनाज नही बेचना चाहते या फिर अपने खेतों में कोई और फसल बो रखी है ।आढ़ती यानि विचौलिये ऐसे किसानों की खतौनी पर ऑनलाइन कराकर उनके नाम से गेहूं बेच समर्थन मूल्य का लाभ उठा रहे।और मजबूर किसान भी दो चार दस कुंतल गेहूं बेचने के लिये क्रय केंद्र से अच्छा आढ़ती की दुकान जाते है।और औने पौने दाम में अपने अनाज को बेच नगद भुकतान लेने को मजबूर है।क्योंकि क्रय केंद्रों पर दो चार दस कुंतल की खरीद भी नही होती।यही कारण है कि क्रय केंद्रों पर किसान से ज्यादा आढ़तियों की भीड़ रहती है।गरीब किसान सुंदर यादव अशोक रावत राम मनोहर रामतेज विश्वकर्मा आदि लोगों ने कहा कि यदि सरकार वाकई में हमे हमारी फसल का समर्थन मूल्य देना चाहती है तो दस कुंतल तक खेतौनी पर क्रय केंद्र प्रभारी खरीद करे और उसका ब्रेयर चेक तत्काल दे।जिससे हम गरीब किसान भी समर्थन मूल्य का लाभ नही पा रहा है

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