सुनील उपाध्याय
बस्ती । महाराणा प्रताप के 478 वें जन्म दिन पर उन्हें याद किया गया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा अध्यक्ष भद्रसेन सिंह ‘बंधु’ के नेतृत्व में सिविल लाइन्स स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर बुधवार को माल्यार्पण कर उन्हें नमन् किया गया। भद्रसेन सिंह बंधु ने महाराणा प्रताप के जीवन वृत्त पर विस्तार से प्रकाश डाला।
पूर्व प्रधानाचार्य डा. आर.जी. सिंह, शिक्षक नेता मार्कन्डेय सिंह, राम पूजन सिंह, भाजपा नेता अजय सिंह गौतम, राना दिनेश प्रताप सिंह, अखण्ड प्रताप सिंह आदि ने सम्बोधित करते हुये कहा कि महाराणा प्रताप राष्ट्र भक्त के साथ ही आदर्श चिन्तक, महान यौद्धा और एकता के अग्रदूत थे। वक्ताओं ने सर्व सम्मत से मांग किया कि हल्दी घाटी को पुनः पाठ्यक्रम में शामिल किया जाय।
इसी कड़ी में सत्येन्द्रनाथ ‘मतवाला’ डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने महाराणा प्रताप के शौर्य, जीवन संघर्षो पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डा. वी. पाल, ए.के. सिंह, डा. एन.के. सिंह गौतम, मनोज कुमार सिंह, आतिश सुल्तानपुरी, राजेश श्रीनेत्र, योगेन्द्र पाल, डा. अजीत सिंह, डा. एस.के. सिंह, ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, कुंवर राजेश प्रताप सिंह, कुंवर राकेश प्रताप सिंह, सावरकर सिंह, दशरथ सिंह, कैप्टन राजेश सिंह, ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, रविन्द्र सिंह, दिग्विजय सिंह, सूर्यमणि सिंह, भारतण्ड प्रताप सिंह, दिलीप सिंह, धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, सुनील सिंह, नन्हें सिंह, दिनेश प्रताप शाही, अमरेन्द्र सिंह, राज बहादुर सिंह, सुभाष चन्द्र सिंह, मदन सिंह, त्रिभुवननाथ, सतीश रंजन, शेर बहादुर सिंह, राज बहादुर सिंह, सुभाष चन्द्र सिंह, मदन सिंह, जगन्नाथ सिंह, बाल गोविन्द सिंह, अजय प्रताप सिंह, जयनाथ सिंह, राज बहादुर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्य, विजय प्रताप सिंह, राजधारी पाल, चन्द्र बदन सिंह, अशोक सिंह, वीरेन्द्र बहादुर सिंह, कुलदीप सिंह, आंेकार सिंह, अमन सिंह आदि ने जयन्ती पर महाराणा प्रताप को नमन् किया।


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