सुनील उपाध्याय
बस्ती । आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर दूसरे दिन मंगलवार को भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना देकर जिलाध्यक्ष आनन्द दूबे के नेतृत्व में बीएसए और सदर तहसीलदार को ज्ञापन साैंंपा गया।
धरने को सम्बोधित करते हुये जिलाध्यक्ष आनन्द दूबे ने कहा कि एक तरफ जहां भाजपा के नेता उपलब्धियों का गुणगान कर रहे हैं जबकि दूसरी ओर शिक्षा मित्रों की स्थिति दयनीय है। पिछले 4 माह से मानदेय नहीं मिल सका है। भाजपा शिक्षा मित्रों के सम्बन्ध में किये गये अपने घोषणा पत्र को भूल गई । शिक्षा मित्र अपने अधिकारों के लिये चरणबद्ध ढंग से संघर्ष को जारी रखेंगे। बताया कि बुधवार को जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन देकर समस्याओं के निस्तारण का आ्रग्रह किया जायेगा।
बीएसए कार्यालय पर आयोजित धरने को राम पराग चौधरी, रजनीश मिश्र, अनिल दूबे, विजय बहादुर यादव, गिरजेश दूबे, बरसाती यादव आदि ने सम्बोधित करते हुये मांग किया कि शिक्षामित्रों हेतु संशोधित अध्यादेश लाकर पुनः सहायक अध्यापक पद पर बहाल किये जाने या भारत का राजपत्र दिनांक 10अगस्त 2017लागू किया जाय, ’समान कार्य समान वेतन’ के आधार पर वेतन लागू कर 62 वर्ष सेवा हेतु नियमावली बनाया जाय, एन.सी.टी.ई. की दिनांक 23 अगस्त 2010 के पैरा-4 में शिक्षामित्रों को शामिल करते हुए, संशोधन अध्यादेश लाकर टीईटी से छूट प्रदान किये जाने, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हृदयाघात से मृत समायोजित शिक्षामित्रों के परिवार को स्थाई रोजगार देने के साथ ही वाराणसी जेल में निरुद्ध वाराणसी, चंदौली, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, आजमगढ़, बलिया, एटा, कुशीनगर व इलाहबाद जनपदों के शिक्षामित्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया ।
धरने मंें विनोद चौधरी, कृष्ण कुमार, संतोष शुक्ल, राजीव, तुलसीराम, भरतजी शुक्ल, पंकज मिश्र, सुशीला देवी, विनीता उपाध्याय, कन्हैया यादव, पवन तिवारी, हरिश्चन्द्र तिवारी, प्रदीप दूबे, कृष्णमुरारी, संगीता, सुमन तिवारी, हृदयराम, सीमा, लाल बहादुर, सुरेन्द्र, अर्चना यादव, सुरेश यादव के साथ ही अनेक शिक्षा मित्र उपस्थित रहे।


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