आधा दर्जन से अधिक कातिलाना वारदातों से डैंजर जोन बने धारूपुर मे भय व दहशत का माहौल
शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। कोतवाली लालगंज क्षेत्र के धारूपुर मे पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पति तथा पूर्व प्रधान पर कातिलाने हमले को लेकर दूसरे दिन सोमवार को भी पुलिस खाली हाथ नजर आई। वहीं पूर्व प्रधान ओमप्रकाश जायसवाल सेठई पर हुए कातिलाने हमले को लेकर अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर पुलिस को सौपीं नहीं जा सकी है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधान ओमप्रकाश जायसवाल पर बीती रविवार को दिनदहाडे बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर जानलेवा हमले को अंजाम दिया। पूर्व प्रधान सेठई का इलाज इलाहाबाद मेडिकल कालेज मे जारी बताया जाता है। वहीं धारूपुर गांव के लोगों मे इधर के दो तीन वर्षो मे लगातार बेकाबू अपराध बढ़ोत्तरी को लेकर आक्रोश व दहशत साफ झलक रहा है। बतादें बीते वर्ष गांव के अधिवक्ता एवं बार एसोशिएसन के पूर्व अध्यक्ष धनंजय मिश्र की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साल भर से अधिक बीतने को है किंतु अभी तक पुलिस धनंजय हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है। इसके पहले गांव के प्रधानपति मो. शब्बीर की भी दिनदहाड़े बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाजार मेब ने मंदिर के एक पुजारी घनश्याम दास की भी निर्मम हत्या का रहस्य सालों बीतने को है पुलिस अभी तक इस हत्याकांड का भी पर्दाफाश नहीं कर सकी है। पुजारी हत्याकांड के ठीक पहले गांव के ही ननका कबाड़ी की भी हत्या की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है। यही नहीं गांव के सुधाकर पाण्डेय उर्फ लल्ले पर भी अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े फायर झोंककर जानलेवा हमला किया। सुधाकर पाण्डेय की भी हत्या के प्रयास के मुकदमे मे पुलिस आज तक ककहरा भी नहीं पढ़ सकी। इस तरह वारदात पर वारदात से जलेशरगंज धारूपुर पूरा इलाका आये दिन रक्तरंजित होता आ रहा है। लेकिन खाकी घटनाओं के बाद थोडे दिन की कसरत का मंचन कर इन वारदातों को खुलासा करने की जहमत नहीं उठाया करती। पुलिसिया लापरवाही का ही नतीजा सेठई पर भी जानलेवा हमले की एक और बानगी देखी जा रही है। हालांकि पुलिस इस हमले के पीछे गांव की सियासी रंजिश तथा हमले मे गोली से घायल सेठई के लम्बे आपराधिक इतिहास व हिस्ट्रीशीट को सहारा बनाकर अपने आला अफसरों की आंख मे दो दिनों से धूल झोंकने का ही प्रयास करती दिख रही है।


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