मोजीम खान
सिंहपुर(अमेठी)पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम के लिये अमेठी के पूर्व जिलाधिकारी ने अपने मातहतों को आदेश जारी करते हुये कहा की कोई भी किसान खेत मे बचे फसल की नरई को नही जलाने दिया जाय।लेकिन उसके बावजूद किसान आदेश को ताक पर रख के अपनी मनमानी पर उतारू है।मामला विकास खण्ड सिंहपुर क्षेत्र का है यहा के किसान सूरज ढलते ही अपने अपने खेत पहुँच जाते है और बची हुई फसल की नरई को आग के हवाले कर देते है।जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है बल्कि खेत की उर्वरा शक्ति भी कमजोर हो जाती है पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाने के लिये पूर्व अमेठी जिलाधिकारी योगेश कुमार ने अपने पत्रांक संख्या 1765 मे दिनांक 27मार्च को यह आदेश जारी किया था तथा पूर्व जिलाधिकारी के आदेश का पालन करते हुये अमेठी के उप कृषि निदेशक डाक्टर अजय कृष्ण ने यह आदेश अपने पत्रांक संख्या 1521को दिनांक 30मार्च 2017 को पत्र जारी करते हुये अपने मातहतों से कहा की कोई भी किसान फसल की नरई न जलाने पाये।अगर ऐसा कोई किसान करता पाया गया तो उसके खिलाफ उचित कार्यवाही की जायेगी।लेकिन उसके बाद भी किसान प्रशासन के आदेश को धता देते हुये अपने खेत मे बची फसल की नरई को जला रहे है।शाम के समय जिस ओर निकलो किसान अपनी फसल के बचे अवशेष को जलाते हुये दिखाई पड़ता है।


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