सुनील उपाध्याय
बस्ती: रेलवे स्टेशन पर गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी से यात्रा कर रही 16 लड़कियों को मानव तस्करी के संदेह में उतार लिया गया। इनमें नौ नाबालिग व सात बालिग हैं। इन सभी को दो व्यक्ति महराजगंज जिले से लुधियाना ले जा रहे थे। माता-पिता को सूचना देकर जीआरपी ने इन सभी को चाइल्ड लाइन और महिला हेल्पलाइन को सौंप दिया।
गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी से यात्रा कर रही नौ नाबालिगों की उम्र आठ से 16 वर्ष के बीच है। शेष पांच 18 से 20 के बीच की है। ट्रेन में सफर कर रही महिला स्कोर्ट की मीना कुमारी को संदेह हुआ तो उन्होंने जीआरपी बस्ती को सूचना दी। जीआरपी इंस्पेक्टर नरेन्द्र यादव, महिला पुलिस कर्मी वीना वर्मा, इन्द्रजीत गिरी, शेरबहादुर की टीम ने इन सभी को बस्ती रेलवे स्टेशन पर उतार लिया।
पूछताछ में इनके साथ चल रहे दो व्यक्तियों ने बताया कि सभी को महराजगंज जिले के खजुरिया से लुधियाना ले जाया जा रहा है। धर्मबीर निवासी लकरिया थाना महराजगंज व राजेन्द्र निवासी खजुरिया थाना पनियवा ने दावा किया कि इन सभी को परिजनों की सहमति से सत्संग के लिए लुधियाना ले जा रहे हैं। यह सभी लड़कियां पनियवा थाने के खजुरिया की हैं।
नाबालिग को चाइल्ड लाइन और बालिग को महिला हेल्पलाइन के हवाले किया
जीआरपी ने सभी लड़कियों के परिजनों को सूचित किया है। उनके आने तक नौ नाबालिगों को चाइल्ड लाइन व पांच बालिगों को महिला हेल्पलाइन के हवाले कर दिया गया। चाइल्ड लाइन ने बताया कि इन सभी को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से मिले निर्देश के क्रम में आगे की कार्रवाई होगी। इंस्पेक्टर जीआरपी ने कहा कि माता-पिता के आने पर यदि बाल कल्याण समिति, महिला हेल्प लाइन और पुलिस पूछताछ करेगी। संतुष्ट न होने की दशा में इन्हें ले जा रहे दोनों के खिलाफ मानव तस्करी के आरोप में कार्रवाई की जाएगी।


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