शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ ।गत दिवस ब्लाक प्रमुख मंगरौरा के पति के साथ हुई मारपीट की घटना में जनपद के अपना दल और भाजपा के विधायकगण द्वारा कैबिनेट मंत्री मोती सिंह पर साजिश का आरोप लगाने के मामले में विधायक गणों पर उच्च न्यायालय लखनऊ के अधिवक्ता व जूनियर बार एशोसिएशन प्रतापगढ़ के पूर्व अध्यक्ष विनोद पांडेय ने सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कैबिनेट मंत्री मोती सिंह एक अच्छे और गंभीर नेता हैं । उन्होंने अपने क्षेत्र में बहुमुखी विकास किया है । प्रदेश में एक कदावर और जनता के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रूप में जाने जाते हैं । कैबिनेट मंत्री मोती सिंह की लोकप्रियता से इन विधायक गणों में बौखलाहट है । ये जनता के बीच विकास कार्य करने के बजाय जातिगत राजनीति करके जनता के बीच विद्वेष की भावना पैदा कर रहे है। एक वर्ष से अधिक समय विधायक बने हो गया कैबिनेट मंत्री के ऊपर सवाल खड़ा करने वाले इन नेताओं ने अपने क्षेत्र की जनता को विकास से जोड़ने का कोई काम नही किया। जनता इन्हें जिता कर अपने क्षेत्र के विकास का सपना संजोये थी लेकिन जनता के उम्मीदों पर पानी फिर गया ।जनता का आज इनपर विस्वास पूरी तरह उठ गया है। श्री पाण्डेय ने आरोपित किया कि प्रमुख पति सपा का नेता और कार्यकर्ता था सपा के कार्यकाल में वह उसकी पत्नी प्रमुख बनी आज भाजपा और अपना दल की सरकार बनने पर उसने अपना दल से गल बहियाँ कर ली। आज भी वह सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ है और विधायक अपने गठबंधन दल की मर्यादा को ताख पर रखकर सत्ता पक्ष के मंत्री के खिलाफ़ उनके लोकप्रियता को धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। कैबिनेट मंत्री मोती सिंह राजनीति के प्रोफेसर है, और उनपर आरोप लगाने वाले मोदी की कृपा पर बने विधायक गण राजनीति के प्रथम वर्ष के छात्र है। इन्हें मोतीसिंह पर आरोप लगाने में अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाय क्षेत्र में विकास और जनता के सेवक के रूप में कार्य करने का ककहरा उनसे सीखना चाहिए। उन्होने मोदी के महत्वाकांक्षी परियोजना स्वच्छता मिशन और मनरेगा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीडीओ और डीपीआरओ खुले आम डाका डालकर जनता के शौंचालय के पैसे का बंदर बांट कर रहे है, लेकिन इन विधायक गणों ने इस पर सवाल उठाने के बजाय जातीगत राजनीति की रोटी सेकने के लिए पार्टी से बाहर सपा के व्यक्ति के जरिये गठबंधन को ही कमजोर करने की कोशिश कर दी। जिससे लगता है कि यहां पर सपा के साथ मिलकर यह लोग काम कर रहे है। विनोद पांडेय ने आरोपित किया कि सत्ता पक्ष के विधायक गण अधिकारियों के साथ मिलकर विकास का काम करने के बजाय वसूली में मस्त है।उन्होंने कहा कि वह प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह,कैबिनेट मंत्री मोती सिंह और ग्राम्य विकास मंत्री महेंद्र सिंह से स्वच्छता मिशन के ओडियफ स्कीम और मनरेगा की जांच की मांग करते है ।मोती सिंह पर आरोप लगाने वाले विधायक गणों को अपनी मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता के स्वच्छता मिशन के पैसे का जो बंदरबांट हो रहा है जल्द ही वह इस मामले में पीआईएल दाखिल करेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भी लिखेंगे।


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