सुनील उपाध्याय
बस्ती । मछुआ समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा नही दिये जाने से आक्रोशित समाज के लोंगों ने हाईवे को जाम कर दिया। बस्ती जिले के कोतवाली इलाके के नवीन अमहट पुल के पास जाम लगाने से हाइवे कुछ देर के लिए बंद रहा। राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के बैनर तले निकाले जूलूस ने पहले 7 सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा। किन्तु अधिकारियों की लापरवाही समझ निषादों ने अपनी मांग को लेकर अचानक हाईवे पर पहुंच नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। हाइवे जाम पर इधर अधिकारियों के हाथपांव फूल गए और उन्हें तीन साल पहले कसरवल गोरखपुर की याद आ गयी जिसमें बल प्रयोग से एक शख़्स की जान चली गयी थी बहरहाल प्रशासन के लोंगो ने किसी तरह समाज के लोंगो को मनाते हुए बाद जाम हटाने में सफलता पाई। निषाद समाज के जिलाध्यक्ष ने अपनी मांगों के संबंध में बताया कि सरकार ने पहले तो शिड्यूल काष्ट का दर्जा दिया फिर अचानक शासनादेश जारी कर हटा लिया बाद में माननीय हाईकोर्ट ने स्टे दिया फिर भी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं जारी हो रहा है।


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