अखिलेश्वर तिवारी
डीएम व एसपी की मौजूदगी में हुआ माँकड्रिल
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बरसात के दिनों में राप्ती नदी के कहर के साए में हमेशा रहता है । राप्ती नदी के बाढ़ से जिले का आधा से अधिक क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हो जाता है । बाढ़ की तबाही के दौरान पीड़ित के साथ-साथ जिला प्रशासन भी अपने आप को असहाय पाने लगता है । ऐसे में यदि पूर्व से तैयारी ना की जाए तो कुछ भी कर पाना नामुमकिन हो जाएगा । बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए आज जिला प्रशासन ने एसएसबी के साथ मिलकर संयुक्त माँकड्रिल किया । राप्ती नदी के कोड़री घाट पर कार्यक्रम आयोजित कर बाढ़ से बचाव व आपदा के में फंसे लोगों की सहायता कैसे की जाए इस का पूर्वाभ्यास कराया गया । बाढ़ में फंसे गांव के लोगों को बाहर निकालना, गांव में बीमार व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए अस्पताल तक पहुंचाना, बाढ़ पीड़ित लोगों तथा उनके के मवेशियों के लिए राशन व चारे की व्यवस्था के साथ साथ जागरूकता फैलाने जैसे प्रत्येक संभावनाओं पर पूर्वाभ्यास कराया गया ।
राप्ती नदी में मोटर बोट के सहयोग से बाढ़ के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन के तरीके बताए गए । पूर्वाभ्यास के दौरान जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने अपने संबोधन में कहां कि आज का माँकड्रिल प्रशासन के बाढ़ को लेकर तैयारियों को जांचने के लिए कराया जा रहा है । ताकि हम अपने ताकत का अंदाजा लगा सके और राहत कार्य के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं का आकलन कर उन्हें दूर करने का प्रयास कर सकें । उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता होगी कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाए,
उनके मवेशियों को सुरक्षित स्थान तक लाकर उन्हें चारे की व्यवस्था कराई जाए, आवश्यकता अनुसार मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जाए, ज्यादा बीमार व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाए । इसके अलावा लोगों को जागरुक किया जाए कि सर्वप्रथम अपना बचाव करें अपने सामान या अन्य की चिंता में न फंसे । उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना रहेगी जहां से बाढ़ मे फंसे व्यक्तियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराया जाएगा । उन्होंने लोगों से अपील की कि बाढ़ में किसी भी प्रकार की समस्या में सहायता के लिए इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के टोल फ्री नंबर 1077 पर तुरंत सूचना दें जहां से कम से कम समय में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी । पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि जान माल की सुरक्षा पहले जरूरी है इसलिए बाढ़ में फंसे किसी भी व्यक्ति को चाहिए सर्वप्रथम अपनी जान की सुरक्षा करें । बाढ़ राहत में लगाए गए कर्मचारियों को भी उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र में सुनिश्चित करें कि कोई भी बाढ़ में फंसा न रहने पाए । बाढ़ में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यकता अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाए । मॉक ड्रिल के दौरान अपर जिला अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम सदर अरुण कुमार गौड़ , एसएसबी 9वीं बटालियन के अधिकारी व जवान सहित जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी व कर्मचारी तथा स्थानीय लोग सम्मिलित हुए । तहसील उतरौला क्षेत्र का काफी हिस्सा राप्ती के बाढ़ से प्रभावित रहता है और आज उतरौला क्षेत्र के राप्ती नदी के बभन पुरवा नामक स्थान पर उतरौला के एसडीएम के निर्देशन में मॉक ड्रिल कराया गया जहां पर लोगों को बाढ़ से बचाव के तरीके बताए गए तथा बाढ़ राहत में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी गई साथ ही नदी में पूर्वाभ्यास भी कराया गया ।
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