शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । आगामी दिनों में शीघ्र ही एक व्यापक किसान आन्दोलन होगा, जिसमें करीब 20 चरणों में (एक चरण में कम से कम 05 दिनों तक) किसान जागरण यात्रा निकाली जायेगी। जिसके माध्यम से 10 लाख व्यक्तियों और 05 लाख किसान परिवारों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए एक लाख से अधिक किसानों को आन्दोलित किया जायेगा। इस आन्दोलन की मुख्य माॅंगें किसानों की फसलों को नष्ट करने वाले साॅंड़, गाय, नीलगाय, जंगली सुअरों आदि से फसलों की सुरक्षा का प्रबन्ध सुनिष्चित कराना, सभी किसानों के कर्जों की माफी सुनिष्चित कराया जाना, सभी प्रकार की कृषि उपज का लाभकारी मूल्य लागत का कम से कम डेढ़ गुता सुनिष्चित किया जाना जिसमें किसान व उसके परिवार की मजदूरी को भी लागत में जोड़ा जाना, साठ वर्ष की आयु पूर्ण करने पर सभी किसानों को कम से कम 10 हजार की पेन्षन सुनिष्चित किया जाना, कृषक दुर्घटना बीमा को सरलीकृत करते हुए मृतक किसानों को एक माह की समय अवधि में भुगतान मिलना सुनिष्चित किया जाय तथा कृषक बीमा योजना में पूरे परिवार के सदस्यों को आच्छादित किया जाना, खाद, बीज, कीटनाषक, डीजल, बिजली किसानों को सस्ते दरों पर उपलब्ध कराया जाना तथा इनके बढ़ते मूल्य पर अंकुष लगाया जाना, फसल बीमा सम्बन्धी दस्तावेज किसान को उपलब्ध कराया जाय और फसल को नुकसान होने की दशा में दावा करने पर एक माह के अन्दर भुगतान सुनिष्चित किया जाना होगी। उक्त चर्चा आज कलेक्ट्रेट कम्पाउण्ड में सेण्ट्रल बार एसोसिएशन के सभा कक्ष में आयोजित किसान प्रतिनिधि सम्मेलन में हुई। सम्मेलन का उद्घाटन किसान नेत्री श्रीमती अर्चना उपाध्याय प्रान्तीय उपाध्यक्ष अ0भा0 किसान सभा ने किया। उद्घाटन करते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने स्वामीनाथन आयोग सिफारिसों को लागू करने की आवष्यकता बतायी। सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में अ0भा0 किसान सभा के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य देवेन्द्र मिश्र ने किसानों को छोटी-छोटी शासन की योजनाओं का लाभ न मिल पाने का उल्लेख करते हुए उस पर सघनता से काम करने की आवष्यकता बतायी। अतिविषिष्ट अतिथि के रूप में गाॅंधी ग्रामीण मंच के संयोजक डाॅ0 बी0यल0 वर्मा ने कहा कि किसानों की समस्या के समाधान के बिना देष का कल्याण सम्भव नहीं है।सम्मेलन में जनपद के किसानों की समस्याओं को समाहित करते हुए व्यापक किसान आन्दोलन का प्रस्ताव राम बरन सिंह ने प्रस्तुत किया। जिस पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सम्मेलन में विचार रखने वालों में ललित नारायण मिश्र, मो0 सलीम, आषुतोष शुक्ल, शेषनाथ तिवारी, राम सनेही पाण्डेय, लव सिंह, लाल बिहारी शुक्ल, कमरूद्दीन, बृजनाथ ओझा, ष्याम षंकर षर्मा, हरिराज यादव, हरि प्रसाद यादव आदि ने अपने विचार रखे। कुछ संषोधनों के साथ प्रस्ताव को सर्वसम्मत से पास किया गया और यह निर्णय लिया गया कि अन्य किसान संगठनों, समूहों आदि को साथ लेते हुए अब व्यापक किसान एकता करते हुए निर्णायक किसान आन्दोलन किया जायेगा। सम्मेलन का संचालन हेमन्त नन्दन ओझा ने किया। सम्मेलन के अन्त में सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन राजमणि पाण्डेय ने किया।

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