अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर ।। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की कमान संभालने के तुरंत बाद अधिकारियों को समय से कार्यालय पर उपस्थित होकर जनसुनवाई करते हुए शिकायतों के निस्तारण किए जाने का आदेश जारी किया था । मुख्यमंत्री के आदेश में जिले के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष सुबह 9:00 बजे कार्यालय पहुंचेंगे तथा 9:00 बजे से 11:00 बजे तक जनता की समस्याओं को सुनकर उसका निराकरण करेंगे । इस फरमान का पालन जिले के कुछ आला अधिकारी तो कर रहे हैं परंतु अधिकांश विभागों के विभागाध्यक्ष अपने पुराने ढर्रे पर ही कायम हैं और वह 10:00 बजे के बाद ही कार्यालय पर आना मुनासिब समझ रहे हैं । लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने हकीकत जानने की कोशिश की और विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों सहित शिक्षा विभाग तथा संयुक्त जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण कराया तो तमाम अधिकारी अनुपस्थित पाए गए । जिलाअधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया की लापरवाह अधिकारियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा और उन्होंने साफ शब्दों में हिदायत दी है कि सभी अधिकारी प्रातः 9:00 बजे अपने कार्यालय में पहुंच जाएं और जन समस्याओं को सुनें । ऐसा न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए सभी अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश देते हुए सभी को चेतावनी दी है तथा संयुक्त जिला चिकित्सालय में अनुपस्थित पाए गए डॉ पंकज शर्मा का वेतन रोकते हुए विभागीय जांच की संस्तुति शासन को भेजने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी घनश्याम सिंह को दिया है । जिलाधिकारी कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार जिन अधिकारियों को चेतावनी देते हुए वेतन काटा गया है उनमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिहर प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक निदेशक मत्स्य, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रणस विभाग, सहायक आयुक्त एवं जिला निबंधक सहकारी समितियां, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, सहायक निदेशक रेशम, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी , जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी , जिला समाज कल्याण अधिकारी , श्रम प्रवर्तन अधिकारी तथा जिला युवा कल्याण अधिकारी शामिल है जिनका एक दिन का वेतन अवरुद्ध करते हुए सख्त चेतावनी दी गई है ।


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