सुनील उपाध्याय
बस्ती। संयुक्त क्षेत्रीय केन्द्र (सी आर सी), गोरखपुर तथा शिक्षित युवा सेवा समिति, बस्ती के संयुक्त तत्वावधान में 3 दिवसीय सेवा कालीन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (सी आर ई) का स्वामी दयानन्द विद्यालय, सुर्तीहट्टा में सांसद हरीश द्विवेदी द्वारा उद्घाटन के साथ आरम्भ हुआ।
इस कार्यक्रम में कुल 30 की संख्या में पुनर्वास व्यावसायिक सम्मिलित हो रहे हैं जो बस्ती, गोरखपुर, संतकबीर नगर, बाराबंकी, सिद्धार्थनगर आदि जनपद से आये हुए हैं । भारतीय पुनर्वास परिषद, नयी दिल्ली से मान्यता प्राप्त कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सम्पूर्ण भारतवर्ष का इकलौता ऐसा राज्य होगा जिसमे दो सी आर सी सेन्टर की स्थापना हो रही है । देश के बाकी राज्यों में एक-एक सी आर सी ही स्थापित की गयी है । इसका मुख्य वजह जापानी इंसेफेलाईटिस है । जापानी इन्सेफेलाईटिस की वजह से बहुत सारे बच्चे प्रतिवर्ष दिव्यांग हो जा रहे हैं, जिनके पुनर्वास के लिए इस संयुक्त क्षेत्रीय केन्द्र (सी आर सी) की स्थापना की जा रही है ।
कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में अपने व्याख्यान के दौरान गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा की भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है और जब तक गाँव और समुदाय को सुदृढ़ नहीं बनाया जायेगा, तब तक पुनर्वास के सारे प्रयास बेमानी होंगे । भारतीय परिदृश्य में समुदाय की पुनर्वास में भूमिका विषय पर उन्होंने अपनि प्रस्तुति दी ।
दूसरे तकनीकी सत्र में विनोद कुमार उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों को ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016’ के अंतर्गत सम्मिलित सभी 21 प्रकार की दिव्यांगता की विस्तृत जानकारी दिया।
तकनीकी सत्र में सी आर सी के प्रभारी अधिकारी नीरज मधुकर ने “समुदाय आधारित पुनर्वास के विभिन्न आयाम” विषय पर चर्चा की तथा कहा कि एक समावेशित समाज की परिकल्पना को सच्चाई के धरातल पर लाने के लिए समुदाय और समाज का सशक्तिकरण किया जाना अनिवार्य है ।
इस कार्यक्रम के द्वारा पुनर्वास व्यावसायिकों को कार्य करने की एक नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है ।


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