सुनील उपाध्याय
बस्ती । युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अंकुर वर्मा के नेतृत्व में युवा कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह का कटेश्वर पार्क के निकट पुतला फूंका।
इसके पूर्व अंकुर वर्मा ने कहा कि भाजपा की न तो नीयत साफ है न विकास का सही नजरिया ही है। जिस नोट बंदी के दौरान सैकड़ो लोग खाते में रूपया रहते हुये भी काल के गाल में समा गये, कितने बहन बेटियों की शादियां टूट गई ठीक उसी समय भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह जिस बैंक के निदेशक रहे हैं, वह नोटबंदी के दौरान सबसे ज्यादा प्रतिबंधित 500 और 1000 रुपए के नोट जमा करने वाला जिला सहकारी बैंक है। केंद्र सरकार ने आठ नंवबर 2016 में उस समय चलन में रहे 500 और 1000 रुपए के नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया था अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (एडीसीबी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा करने के महज पांच दिन के भीतर 745.59 करोड़ रुपए मूल्य के प्रतिबंधित नोट प्राप्त किए थे। नोटबंदी की घोषणा के पांच दिन बाद 14 नवंबर 2016 को सभी जिला सहकारी बैंकों को लोगों से प्रतिबंधित नोट जमा लेने से मना कर दिया गया था क्योंकि यह आशंका जताई गई थी कि सहकारी बैंकों के जरिए काले धन को सफेद किया जा सकता है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, अमित शाह उस समय बैंक में निदेशक पद पर थे और वह कई साल से इस पद पर बने हुए हैं. वह 2000 में बैंक के अध्यक्ष भी रहे हैं. एडीसीबी के पास 31 मार्च 2017 को कुल 5,050 करोड़ रुपए जमा थे और वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक का शुद्ध मुनाफा 14.31 करोड़ रहा। अंकुर वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के एस. सर्वानवल द्वारा दी गई इस जानकारी ने अमित शाह के आर्थिक भ्रष्टाचार की पोल खोल दिया है। अच्छा हो कि केन्द्र की मोदी सरकार और वित्तमंत्री, वित्त मंत्रालय देश की जनता को बताये कि ऐसा किसके इशारे पर हुआ।
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य त्रिपाठी ने कहा कि एडीसीबी के बाद सबसे ज्यादा प्रतिबंधित नोट जमा करने वाला सहकारी बैंक राजकोट जिला सहकारी बैंक है जिसके अध्यक्ष गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार में कैबिनेट मंत्री जयेशभाई विट्ठलभाई रडाड़िया हैं। इस बैंक ने 693.19 करोड़ रुपए मूल्य के प्रतिबंधित नोट जमा लिए थे। राजकोट गुजरात में भाजपा की राजनीति का केंद्र रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार यहीं से 2001 में विधायक चुने गए थे। अहमदाबाद और राजकोट के जिला सहकारी बैंकों द्वारा जमा प्राप्ति का यह आंकड़ा गुजरात राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड द्वारा जमा प्राप्त रकम 1.11 करोड़ रुपए से बहुत ज्यादा है। कहा कि नोट बंदी में आम आदमी तबाह रहा और भाजपा के जिम्मेदार नेता नियमों की धज्जियां उडाते रहे। अब यह सच सामने आ चुका है किन्तु भ्रष्टाचार मुक्त देश की बात करने वाली मोदी सरकार इस सम्बन्ध में पूरी तरह से चुप है। समय आने पर जनता इसका करारा जबाब देगी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का पुतला फूंकने वालों में सचिन शुक्ल, संदीप श्रीवास्तव, दुर्गेश त्रिपाठी, गुलाम नवी, रूपेश पाण्डेय, राजू वर्मा, मन्टू पाण्डेय, विनय विश्वकर्मा, कर्मबीर, अब्दुल अहद, विकास वर्मा, रोहन श्रीवास्तव, पवन अग्रहरि, पवन वर्मा, पंकज द्विवेदी, सन्तोष भारद्वाज, विक्रम चौहान, मो. जलील, रंजीत चौहान, लवकुश गुप्ता, सूरज गुप्ता, दीपक गौड़, मो. अरशद के साथ ही युवा कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।


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