अखिलेश्वर तिवारी
जांच में खुली पोल खनन माफियाओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज
बलरामपुर ।। जनपद बलरामपुर में खनन माफियाओ के हौसले इतने बुलंद है कि एसडीएम तुलसीपुर को रास्ते से हटाने के लिए नायब तरीका खोज डाला।हालांकि खनन माफियाओं के मंसूबे पूरी तरह से फ़ेल हो गए और खुद के बुने जाल में फंस गए।आपने खनन माफियाओं के खबरे तो बहुत सुने होंगे कि उनके खिलाफ आने वाले अधिकारियो को कैसे रास्ते से हटा दिया गया।लेकिन बलरामपुर में अवैध खनन रोकने गए एसडीएम तुलसीपुर को रास्ते से हटाने के लिए खनन माफियाओं ने एक नया प्लान बना डाला।सुनने में थोड़ा अटपटा सा लगे लेकिन ये सच है कि एसडीएम तुलसीपुर को हटाने के लिए खनन माफियाओ ने उनके सुरक्षा में लगे होमगार्डों को जबरदस्ती घूस दी फिर उसका वीडियो बना कर वायरल कर दिया।
वायरल हुई थी वीडियो
जानकारी के अनुसार महरागंज तराई थानाक्षेत्र के खैरहनिया पहाडी नाले का। जहां अवैध खनन की ट्रालियों से दो पुलिस कर्मियों द्वारा अवैध वसूली की जा रही थी।वीडियों में दिखाया गया है कि खैरहनिया पहाडी नाले से अवैध खनन का बालू लेकर निकलने वाली ट्रालियों से 2500 रुपये प्रतिट्राली की दर से धन उगाही की जा रही है। जो दोनो पुलिस कर्मी वीडियो में दिखाई पड रहे है वो एसडीएम तुलसीपुर एसके त्रिपाठी के साथ सुरक्षा में चलते है।यह अवैध वसूली एसडीएम तुलसीपुर के नाम पर हो रही है। वीडियो वायरल होने के बाद से प्रशासन में हडकम्प मच गया था।आनन फानन में डीएम ने एडीएम को मामले की जाँच सौपी थी। जांच में ये पता चला की ये वीडियो सुनियोजित तरीके से बनाया गया है और इसमें खनन माफियाओ का हाथ है।एसडीएम तुलसीपुर को रास्ते से हटाने के लिए और उन्हें बदनाम करने की नियत से दोनो होमगार्ड्स को जबरदस्ती घूस दिया गया और वसूली को एसडीएम के नाम पर दिखाया गया।एसडीएम तुलसीपुर ने इस कारनामे को अंजाम देने वाले कई लोगो के खिलाफ गंभीर धाराओ में मुक़दमा दर्ज कराया है।तो वही दोनो होमगार्ड्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। खनन माफियाओं ने आखिर इस कारनामे को अंजाम क्यों दिया ये भी समझ लीजिए कि बीते लगभग एक माह पूर्व तुलसीपुर एसडीएम शतीश चन्द्र त्रिपाठी अपनी प्राइवेट गाडी से महराजगंज थाना क्षेत्र के खैरहनिया स्थित खरझार पहाडी नाले पर पहुँचे तो बडे पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था। एसडीएम के पहुँचते ही लग्जरी गाडियों से सत्ताधारी नेताओ के गुर्गे भी पहुँच गये। पहले तो प्राइवेट आदमी समझकर नेताओ के गुर्गो ने एसडीएम को घेर लिया और उन्हे तत्काल वहाँ से चले जाने को कहा। इस बीच गुर्गे हाथापाई पर भी उतारु हो गये। एसडीएम को अपना परिचय देने और वीडियोग्राफी कराने के बाद नेताओ के गुर्गे वहाँ से एक-एक कर रफूचक्कर होने लगे।तुलसीपुर एसडीएम के करवाई से बौखलाए खनन माफियाओं ने उन्हें रास्ते से हटाने की ठान ली।क्योंकि तुलसीपुर एसडीएम से हुई हाथापाई का वीडियो भी वाइरल हो गया था और कार्यवाई से बचने के लिए सफेदफोश नेताओ के गुर्गों ने ये चाल चली। डीएम कृष्णा करूणेश ने बताया कि खनन माफियाओं पर भी एफआईआर दर्ज करा दी गई है क्योंकि उन्होंने यह डीएम तुलसीपुर पर साजिश रच कर दबाव बनाने की कोशिश की थी ताकि उनकी गाड़ियों को ना पकड़ा जाए । पूरे मामले का विवेचना शुरू करा दिया गया है ।


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