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कबीर की वाणी आज भी लोगो का मार्गदर्शन करती है: इंद्रेश


वासुदेव यादव
अयोध्या। कबीर धर्म मन्दिर सेवा समिति जियनपुर में सद्गुरु कबीर की 620वीं जयन्ती धूमधाम के साथ मनायी गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य इन्द्रेश कुमार व विशिष्ट अतिथि में डॉ. राम मनाेहर लाेहिया अवध विश्वविद्यालय कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित रहे। जयंती समाराेह की अध्यक्षता श्री कबीर धर्म मन्दिर सेवा समिति के अध्यक्ष उदार साहेब ने किया। कार्यक्रम की शुरुवात सर्वप्रथम मुख्य अतिथि ने सदगुरू कबीर व रामसूरत साहेब के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की। तत्पश्चात समिति के पदाधिकारियाें द्वारा मुख्य व विशिष्ट अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस माैके पर किसान मार्केट के बाग में आयाेजित सभा काे सम्बाेधित करते हुए इन्द्रेश कुमार ने कहाकि सद्गुरु कबीर ने समाज के अन्दर अच्छाइयां लाकर सामाजिक कुरीतियाें काे मिटाया। वह इस धरती पर अवतरित हुए। पैदा ताे सब हाेते हैं लेकिन अवतरित काेई-काेई हाेता है। जाे एक ईश्वरीय कृपा है। उन्होंने कहाकि कबीर एक निर्भीक चरित्र के धनी थे। जाे हमेशा सत्य के मार्ग पर चलने वाले महापुरूष रहे। उनके पास पूरे जीवन भर सत्य का आचरण रहा। यही कारण है कि आज उनकी जयन्ती देश-दुनिया में मनायी जा रही है। गरीबाें की सेवा करें उसमें पुण्य पक्का है। इन्द्रेश ने कहाकि संत कबीर एक ही मालिक काे मानने वाले थे। वह कहते थे कि- न अपने काे बांटाे न खुदा काे। खुदा एक है हम सब एक हैं। हम सब जन एक ईश्वर के हैं। मानव रूप में हैं और भारतीय हैं। देश वतन भी हमारा एक है। कबीर का रास्ता प्यार-भाईचारे का है। उनकी वाणी आज भी लाेगाें काे नई राेशनी व रास्ता दिखा रही है। कबीर के संदेश देश और पूरी दुनिया में जाएं। भारत मजबूत हाे, हम सब शिक्षित बनें। हिन्दुस्तान पूरी दुनिया काे राेशनी दिखाने वाला देश है। आरएसएस के वरिष्ठ सदस्य ने कहाकि कबीर हम सब के लिए सदगुरू और महान हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहाकि संत कबीर की अमर वाणी के दाेहाें काे आज सहेजने और एकत्र करने की जरूरत है, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी उसके बारे में जान सके। जयंती समाराेह की अध्यक्षता कर रहे श्री कबीर धर्म मन्दिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष उदार साहेब ने कहाकि सदगुरू कबीर ने पूरे जीवन भर सामाजिकता व शुद्ध मानवता काे मिलाया। सदगुरू कबीर ने विश्व काे एेसा संदेश दिया जाे शान्ति का प्रतीक है। कार्यक्रम का संचालन समिति के काेषाध्यक्ष उमाशंकर ने किया। इस माैके पर मुख्य रूप से आचार्य गुरूप्रसाद गाेस्वामी धनाैतीपीठ बिहार, स्वामी दिलीप दास त्यागी, स्टेशन मन्दिर महन्त रामस्वरूप दास, रामलखन पथिक सहरसा बिहार, मदन दास बनासकांठा गुजरात, संत मुरारी दास संयाेजक राष्ट्रीय मुस्लिम मंच, राजकुमार साहेब गाेरखपुर, शिवप्रसाद कश्यप उर्फ प्रेमानन्द, स्वदेश काेरी, सावित्री दीवान, आद्याशरण चाैधरी, ख्यातिलब्ध भजन गायक विमल बांवरा बनारस, जितेन्द्र दास उर्फ छाेटे बाबा, शिवम दास, मीरा दास, संत निहाल साहेब, शीलदास, डॉ. दिलीप सिंह, डॉ.अनिल कुमार सिंह, बब्लू मिश्रा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रामसुन्दर वर्मा, विष्णु यादव, चन्द्रहास दीक्षित, राकेश यादव, प्राचार्य निर्मल वर्मा, पवन पाण्डेय, केशव बिगुलर, अखिलेश पाण्डेय, आशुतोष आदि समेत सैकड़ों लाेग माैजूद रहे।
वही परीक्षा दास गुट ने भी कबीर जयंती आश्रम में मनाया। जिसमे काफी संख्या में वक्ताओं ने कबीरदास के जीवन प्रसंग पर प्रकाश डाले। इस दौरान आये लोगो का स्वागत किया गया। अंत मे परिसर में ही भण्डारा आयोजित किया गया।

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