डॉ ओपी भारती
गोंडा । कुदरत तेरी कैसी लीला है खुशियों से भरे पूरे घर को एक पल में मातम में बदल दिया । अब वहां चितकार के अतिरिक्त कुछ शेष नहीं बचा ।
वजीरगंज क्षेत्र के करनीपुर के गोबराही निवासी विजय कुमार ( 32 ) व विनोद कुमार ( 24 ) को क्या पता था कि उनकी अयोध्या यात्रा अंतिम यात्रा बन जायेगी । दोनो सगे भाई दिल्री में रह कर रोजी - रोटी कमाते थे । विजय कुमार को 2 बच्चे शिवम ( 4 ) वर्ष रिशब ( 2 ) वर्ष का है । जब कि विनोद को 2 वर्ष की एक पुत्री अनन्या है ।
दोनों भाईयों में इतना आत्मिक लगाव था कि दिल्ली में भी साथ - साथ रहते थे । बीते 25 जून को चाचा अशोक के पुत्र नीरज के शादी में साथ ही आए , शादी कार्यक्रम में साथ ही रहे । कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात साथ ही दिल्ली जाने वाले थे । जाने के पूर्व दोनों ने साथ - साथ अयोध्या दर्शन को गए । जहां सरयू में स्नान करते समय जब एक भाई डूबने लगा तो दूसरा उसे बचाने कूद पड़ा । और अंततः दोनों की डूबने से मौत हो गई । सूचना घर पहुंचते ही पूरे गांव में कोहराम मचगया । जिसने भी सुना उसके कदम मृतक के घर की ओर बढ़ गये । मृतक की 80 वर्षीय मां पर मानो वज्रपात हो गया । तो मासूम शिवम , रिसब व अनन्या के सर बाप का साया उठ गया । परिवारजनों का रो - रो रोकर आंसू सूख चुके हैं । घर में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है । हर आने वाला कुदरत के इस निर्णय को कोसते हुए परिजनों को ढाढस बधांने की कोशिश कर रहा है ।
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