मोजीम खान
सिंहपुर ,अमेठी-थाना शिवरतनगंज की पुलिस हाईकोर्ट के आदेश को मानने को तैयार नहीं है। हाईकोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया था। कि अब किसी भी पत्रकार को धमकाने के मामले पर उसे गिरफ्तार कर उसे सीधा जेल भेजा जाय। उसके बाद प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आदेश जारी किया कि पत्रकार को धमकाने पर जेल भेजा जाय लेकिन यह आदेश केवल कागजों पर ही सिमट कर रह गई है। जानकरी के लिये बताते चले कि एक हिंदी दैनिक समाचार के पत्रकार मृदुल श्रीवास्तव को खबर प्रकाशित होने से आहत अपने को एडीओ पंचायत बताकर दूरभाष पर अभद्रता तथा जान से मारने की धमकी के मामले में पीड़ित पत्रकार द्वारा 19 जून को शिकायत कर उचित कार्यवाही करने की मांग की थी। लेकिन शिवरतनगंज पुलिस की लापरवाही से आज तक कोई कठोर कार्यवाही न कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। मामले में हीलाहवाली देखते हुये पत्रकारों का एक संगठन एस डी एम तिलोई और सी ओ तिलोई से मिलकर कार्यवाही की मांग की। जिस पर मामले को गम्भीरता पूर्वक लेते हुये दोनों अधिकारियों ने सख्त कार्यवाही का आदेश जारी किया। लेकिन आदेश को शिवरतनगंज पुलिस मानने को तैयार नहीं है। आदेश अधिकारियों द्वारा आदेश कई दिनों बीतने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जिसके चलते प्रेस क्लब जिलाध्यक्ष शीतला मिश्र ने कई पत्रकारों के मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक अमेठी से की है।


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