अमरजीत सिंह
फ़ैज़ाबाद:उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की कलमबंद हड़ताल 3 जुलाई से अनवरत जारी है जो प्रांतीय लेखपाल संघ के निर्देशन में 6 जुलाई को भी सरकार द्दारा रोक लगाए जाने के बाद भी जारी रही।
जानकारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव राजस्व का हड़ताल पर 6 माह की रोक का फरमान जारी होने के बाद भी लेखपालों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी रही और लेखपाल संघ पर एस्मा की कार्यवाही के फरमान का कोई असर देखने को नहीं मिला।रूदौली तहसील के मेन गेट पर लेखपाल संघ अपनी मांगों के समर्थन में कलमबंद हड़ताल कर धरने पर डटे हुए हैं और अपनी पूर्व घोषित मांगो के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी कर रहे हैं।लेखपाल संघ के अध्यक्ष रवि पाठक ने कहा कि लेखपाल संघ के प्रांतीय अध्यक्ष व महामंत्री सहित एक प्रतिनिधि मंडल की वार्ता 4 जुलाई को मुख्य सचिव व आयुक्त एंव सचिव राजस्व परिषद लीना जौहरी व विशेष सचिव राजस्व व उप भूमि व्यवस्था आयुक्त तथा शासन के अन्य शीर्ष अधिकारियों से हुई जो संगठन की सभी मांगो पर अधिकारियों द्दारा आश्वासन देकर हड़ताल समाप्त कराने के पक्ष में अड़े रहे और लेखपाल संघ शासनादेश निर्गत करने की अपेक्षा करता रहा और संगठन व शासन की वार्ता विफल ही रही।अध्यक्ष रविप्रकाश पाठक ने कहा कि सरकार लेखपालों की मांगों को दबा नहीं सकती है उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारियों की हर मांगो को पूरा करने वाली सरकार ज़मीनी स्तर प्रकार्य करने वाले कर्मचारियों को डराना चाहती है।महामंत्री बृजनाथ दूबे ने कहा कि सरकार का आदेश लोकतान्त्रिक व्यवस्था में विश्वाश करने वाले कर्मचारियों की मांगों को दबाने के लिए है।कंप्यूटर,मोटर साइकिल भत्ता व् पदनाम जैसी मांगे लेखपाल संघ कई वर्षों से कर रहा है।आश्वासन मिलने के बाद भी आज तक मांगे पूरी नहीं की गयी है।शोभा राम यादव ने कहा कि इसबार लेखपाल संघ आर पार की लड़ाई लड़ेगा।उधर लेखपालों की हड़ताल से आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।हड़ताल से आय,जाति,निवास व अन्य आनलाइन प्रार्थना पत्रों सम्बन्धी सभी कार्य बुरी तरह प्रभावित हैं।
धरने में सुभाष मिश्रा,राम वृक्ष मौर्या,नकछेद भारती,राजितराम रावत,शौरव सिंह,कुलदीप शुक्ला, मो0 इरफ़ान,राकेश मिश्र, राजेंद्र कुमार,सत्यनारायण पाठक,राम चन्द्र निषाद,राज कुमार दूबे,फकीरे प्रसाद सहित तमाम लेखपाल मौजूद रहे।संघ के अध्यक्ष रवि पाठक व् मंत्री बृजनाथ द्वेदी ने बताया कि आज आयोजित होने वाले समाधान दिवस का बहिष्कार रहेगा।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ