सुनील उपाध्याय
बस्ती । सहकारिता पर केन्द्रित कृषि आधारित पहल से किसानों के आर्थिक संकट दूर करने के साथ ही बेरोजगारों को बेहतर रोजगार अपने गृह जनपद में ही उपलब्ध कराया जा सकता है। अत्याधुनिक डेरी, कोल्ड स्टोर चेन, सह उत्पादों के निर्माण, बिक्री, आदि के माध्यम से जहां किसानों को बेहतर अवसर मिलेंगे वहीं जनपद में कृषि आधारित सहकारिता पर केन्द्रित औद्योगिक विकास का स्वप्न साकार होगा। इसके लिये किसानों के बीच सीधा संवाद बनाने के साथ ही सहमति पत्र लिये जा रहे हैं। यह कहना है श्री कृष्णा मिशन हास्पिटल के चेयरमैन बसन्त चौधरी का। वे बुधवार को प्रेस क्लब में कृषि आधारित परियोजना के सम्बन्ध में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
बसन्त चौधरी ने कहा कि पूर्वान्चल की जमीन बहुत उपजाऊ है, पानी आसानी से उपलब्ध है। इसके बाद भी किसान कभी गन्ना मूल्य भुगतान तो कभी धान, गेहूं मूल्य के लिये आन्दोलन करने को बाध्य है। यदि सहकारिता के आधार पर किसानों को वैज्ञानिक ढंग से खेती, बेहतर भण्डारण, संरक्षण, निर्माण और बाजार से जोड़ दिया जाय तो खुशहाली आते देर न लगेगी। कहा कि यह अच्छी बात है कि अब तक जितने किसानों से वार्ता की गई उन्होने रचनात्मक पहल के लिये हाथ बढाया है। अति शीघ्र कृषि उत्पादक संघ अपना आकार ले लेगा। सर्वेक्षण के बाद योजनाओं को चरणबद्ध ढंग से विकसित किया जायेगा।
प्रेस वार्ता में विनोद पाण्डेय, जियाउल हक, विजय चौधरी, धु्रव चौधरी, मुन्ना भईया आदि ने जानकारी दिया।


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