गोंडा : देश के प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुखिया देश के हर विभाग में व्याप्त भ्रष्ट्राचार को खत्म करने के लिए चाहे जितना प्रयासरत हो लेकिन उनके ही कर्मचारियों के खून में भ्रष्ट्राचार अपनी जड़े जमा चुका है ऐसे में देश से भ्रष्ट्राचार खत्म होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा लग रहा है
वायरल वीडियो
पहले भी आया था ऐसा मामला
मनकापुर तहसील प्रशासनिक अराजकता का बर्षो से शिकार होते चली आ रही है कुछ दिनों पहले राजस्व निरीक्षक मसकनवां हरीश सिंह का एक वीडियो किसान से अतिक्रमण पर शिथिलता वर्तने के नाम पर घूसलेते खूब चर्चा में रहा |
वायरल वीडियो में लेखपाल की जुबानी
लेखपाल खुद रिश्वत के लिये पैसे काम न करवा पाने के कारण वापस करने के लिए स्वीकार कर रहा जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि लेखपाल ने ग्रामीण से काम करवाने के एवज में १५ हजार रुपये बतौर घूस लिये थे | जिसमे लेखपाल खुद रिश्वत के लिये पैसे काम न करवा पाने के कारण वापस करने के लिए स्वीकार कर रहा जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि लेखपाल ने ग्रामीण से काम करवाने के एवज में १६ हजार रुपये बतौर घूस लिये थे
जिसकी जांच मुख्यराजस्व अधिकारी गोंडा को जांच मिली जिसे उन्होंने लीपापोती करके अभी कोई कार्यवाही नहीं की गई तब तक खजुरी निवासी तौलमणी सिंह ने लेखपाल अकलीम से अपने मामले में पैरवी कर नायब तहसीलदार मदनमोहन गुप्ता को दिये गये सोलह हजार रूपये वापस करने की वार्ता रिकार्ड कर.ली गई मों अकलीम पिछले दिनों बभनान और मसकनवां के प्रभारी राजस्व निरीक्षक का कार्य देख रहे थे उस अवधि में इन्होनें मसकनवां बभनान क्षेत्र में आम जनता से पचासों लाख रूपये घूस लेने की चर्चा आम है काम न हो पाने तथा राजस्व निरीक्षक पद से हटने के बाद लेखपाल को उसके घर और तहसील पर पैसा वापस मांगनेवालों की भीड लगी रहती है बताया जाताहै कि लेखपाल अकलीम और नायब तहसीलदार मदनमोहन छोटी सी जांच में गांव पहुंच कर पीडित य विपक्षी से बडी रकम डरा धमका कर बसूल लेते थे
योगी के सुशासन में और जिले के तेज तर्रार डी एम के आ जाने पर भी मनकापुर तहसील में तथा छपिया थाने पर फरियादियों की शिकायतों पर खुलेआम वसूली हो रही है जिससे सरकार का सुशासन कागजी खानापूर्ति दिखता है


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ