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विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर कार्यशाला आयोजित


प्रतापगढ़:  जनसंख्या दिवस के अवसर परसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी के सभागार में तरुण चेतना प्रतापगढ़ व सहयोग लखनऊ के संयुक्त तत्त्वावधान में जेण्डर न्याय व परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी पर एक कार्यशाला आयोजन किया गया, जिसमें अधीक्षक डा० महेंद्र कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन में पुरूषों भूमिका महत्वपूर्ण है, बल्कि लिए हम सबको मिलकर गर्भ निरोधक साधनों से सम्बंधित समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना होगा। 

इस अवसर पर तरुण चेतना के निदेशक नसीम अंसारी ने कहा कि 11 जुलाई को पूरी दुनिया में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है, जिसमें विश्व आबादी से जुड़े मुद्दों व् प्रजनन स्वास्थ्य पर चर्चा की  जाती है। श्री अंसारी ने जोर देकर एएनयम व् आशा से कहा कि एक सेवाप्रदाता होने के नाते हम सबको अपना झिझक तोड़ कर गर्भ निरोधक साधनों के बारे में पुरुषों से भी बात करनी चाहिए। 
  कार्यशाला में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के० के० चौधरी ने कहा कि यूं तो मानव ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है। नए-नए तकनीकि अविष्कार ने मानव जीवन को बिल्कुल बदल कर रख दिया हैलेकिन इस अंधाधुंध विकास के बीच के कई समस्याएं भी चुनौती के रूप में सामने खड़ी हुई हैं। जिसमें बढती जनंसख्या भी एक बडी समस्या है।
 इस अवसर पर फसल परियोजना समन्वयक श्याम शंकर शुक्ल ने कहा कि हालांकि पिछले कई सालों से परिवार नियोजन को लेकर अलग अलग पर कई सारे प्रयास किये जा रहे है लेकिन अभी भी एक जो बडी चुनौति है वह है परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी है जो कि किसी भी गर्भ निरोधक संसाधन स्थाई व अस्थाई दोनों के प्रयोग में बहुत ही कम हैपुरूष नसबन्दी केवल 2.75 प्रतिशत है,कण्डोम का प्रयोग भी बहुत कम है। इस प्रकार से परिवार नियोजन का सारा जिम्मा महिलाओं पर हो जाता है और यह उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो जाता है।
 कार्यशाला में सामाजिक कार्यकर्त्ता मो० समीम ने कहा कि उत्तर प्रदेश 3.0 की कुल प्रजनन दर के साथ उच्च प्रजनन दर वाला राज्य भी है। प्रदेश में गर्भावस्था एवं प्रसव से सम्बन्धित जटिलताओं के कारण एक लाख जीवित जन्मों में मातृ मृत्यु दर 258 हैजिसके लिए गुणवत्तापरक परिवार नियोजन सेवाओं का अभाव एक महत्वपूर्ण कारक है। करीब 75 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है जहां महिलाओं को परिवार नियोजन सेवाओं और आपातकालीन प्रसूति संबंधी देखभाल  किया जा सकता है ।
इसी क्रम में गोरखपुर इन्वायरमेंटल एक्शन ग्रुप के अंकित मिश्रा ने बताया कि उ० प्र० में परिवार नियोजन कार्यक्रम में केवल महिला भागीदारी है किन्तु पुरूष न के बराबर है चाहे वह पुरूष नसबन्दी (2.75 प्रतिशत ) हो अन्य अस्थायी साधनों ( जैसेकण्डोम 20 प्रतिशत)  के बारें में। 14 प्रतिशत महिलायें अगला बच्चा नहीं चाहती है तथा 5 प्रतिशत महिलायें बच्चों के बीच में अन्तर चाहती है किन्तु इसके बावजूद उन्हे बच्चा पैदा करना पडता है।
 इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने कहा कि सरकार लगातार परिवार नियोजन सेवाओं की जानकारीसेवाओं की उपलब्धता एवं परिवार नियोजन सामग्री की आपूर्ति को लेकर लगातार प्रयास भी कर रही है किन्तु कहीं न कहीं परिवार नियोजन को लेकर सारा ध्यान महिलाओं पर चला जाता है और पुरूष भी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से दूर हो जाते है चाहे वह समुदाय के हो या स्वयं पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता।
  इस अवसर पर मैसवा मैन हकीम अंसारी ने बताया कि जिले में पिछले एक साल से परिवार नियोजन में पुरूषों की भागीदारी बढाने को लेकर समुदाय व शैक्षणिक संस्थानों के युवाओं के साथ जागरूकता बढाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत जिले में पुरूष समानता के साथी या जेण्डर चैम्पियन के रूप में चिन्हित किया जा रहा है।
  कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अच्छे लाल बिंद ने किया। इस अवसर पर डॉ राय, मो० अजफ़र, पुष्पा देवी, सीताराम वर्मा, रीना यादव, शकुंतला देवी, अभयराज, संजय कुमार, मिथलेश, आदि लोग उपस्थित रहे।

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