अमरजीत सिंह
फैजाबाद:नहर लावारिश लाश प्रकरण में पटरंगा पुलिस की बड़ी संवेदनहीनता देखने को मिली।शारदा सहायक नहर में झुके एक पेड़ में सुबह से ही एक व्यक्ति की लाश फंसी थी।पुलिस इस मामले में दोपहर तक अनिभिज्ञ रही।मीडिया कर्मियों ने इसकी सूचना क्षेत्राधिकारी रूदौली अमर सिंह व थाना प्रभारी पटरंगा को इस मामले की सूचना दी।सूचना के घंटो तक पुलिस बला को टालने के लिये वहां घटना स्थल तक नही पहुंची।शाम छ बजे थाने का एक सिपाही मौके पर पहुंचा और सूचना देने वाले पत्रकार को फोन कर कहा कि कहां है लाश आकर बताओ मीडिया कर्मी वहां पहुंचा तो देखा लाश गायब थी फिर पुलिस कर्मी चला गया पूँछताक्ष में पता चला गाड़ी से दो आदमी लग्गा लेकर आये और लाश को पेड़ की डाल से छुड़ाकर आगे की ओर बहा दिया सोचने वाली बात ये है कि सुबह से शाम साढ़े पांच बजे तक फंसी लाश आखिर पुलिस के पहुंचते ही गायब कैसे हो गई और ग्रामीणों की बात पर भरोसा कर तो आखिर को लग्गे से धकेलने वाला वो युवक कौन थे फिर हाल इस मामले में पुलिस द्वारा बरती गई घोर संवेदनहीनता क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।ग्रामीण पटरंगा पुलिस की इस हरकत की निंदा करते हुए कहा कि वाकई में पटरंगा पुलिस को न भगवान का डर है और न ही कप्तान का।
बताते चले कि बुधवार की सुबह लालपुर गांव के कुछ ग्रामीण व बच्चों ने शारदा सहायक नहर में एक आदमी के अलावा दो अन्य लाशों को पानी मे बहते हुए देखा था।नहर में लाश बहने की सूचना पर जब हिन्दुस्तान वहां पहुंचकर छानबीन की।तो लालपुर गांव के समीप एक व्यक्ति की अर्धनग्न लाश नहर में झुके एक पेड़ में फंसी हुई थी।जिसके शरीर पर एक पैंट के अलावा कुछ भी न था।देखने से उसकी उम्र लगभग 40 वर्ष के आस पास थी।शेष दो लाशों का कोई सुराग नही लगा।शाम तक पटरंगा थाने का कोई भी पुलिसकर्मी मौके तक नही पहुंच पाया।देर शाम पहुंचा भी तो अचानक लाश गायब हो गई।थाना प्रभारी बृजेश सिंह का कहना है मौके पर सिपाही को भेजा गया था।लेकिन तब तक लाश बह गई थी।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ