अमरजीत सिंह
फैजाबाद: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई पर गुरुवार को मवई गिर्द की सास-बहूओ का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएचसी प्रभारी डॉ.रविकांत वर्मा ने किया। यह आयोजन एनआरएचएम के तहत किया गया। अपने संबोधन में चिकित्सा प्रभारी ने कहा घर एक मंदिर होता है। सास व बहू में मधुर संबंध बना रहा तभी घर परिवार में विकास होगा। सुख व शांति मिलेगी। आए दिन झगड़े होने से बच्चे पर भी कुप्रभाव पड़ता है। एक दूसरे का सहयोग करें। सास मां के समान होती है, और बहू बेटी के समान होती है। दोनो का रिश्ता प्रगाढ़ हो। ऐसा होने से घर परिवार चलता है। आप अपने बच्चे की शादी की उम्र सीमा को भी ध्यान रखें। बाल विवाह समाज का कोढ़ है। लड़के की उम्र 21 वर्ष व लड़की की उम्र 18 वर्ष अनिवार्य है। बच्चे के जन्म में भी अंतराल होना चाहिए। कम से कम तीन वर्ष आवश्यक है, तभी मां और बच्चे स्वस्थ्य रह पाएंगे। परिवार नियोजन भी आवश्यक है। दो संतान के बाद परिवार नियोजन आवश्यक है। मां-बच्चे का स्वास्थ्य ठीक रहने के लिए संतुलित व पौष्टिक खाने पीने की तरीके बताए। इस दौरान उन्होंने परिवार नियोजन के लिए प्रयोग करने की विशेष जानकारी दिया। स्थाई व अस्थाई दो तरह से परिवार नियोजन होता है। कहा कि ब्लाक के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर सास बहू सम्मेलन एनएनएम की देखरेख में किया जाएगा। इस सम्मेलन में 25 प्रतिभागियों सास बहू ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने चुड़ी,बिंदी समेत अन्य सुहाग की बस्तु देकर सर्वश्रेष्ठ सास-बहू को सम्मानित किया।मौके पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी गिरजेश सैनी, एएनएम अमरावती ,सुमित्रा सिंह,एआरओ आर के शर्मा,डॉ मुईद अहमद,नरसिंह, आशा विमला, सरोज साहू ,पुनीत राय, रीता यादव,आशिफ़ खान,मनोज कुमार, राजेश मौर्य,सईद अहमद,जगन्नाथ यादव,रीना चौरसिया,संतोष तिवारी, श्याम बाबू ,उषा यादव,सुनीता श्रीवास्तव,समेत अन्य लोग मौजूद थे।
भारत से चिट्ठी निकल चुकी परिवार बढ़ाना बन्द करो
सास बहू सम्मेलन के दौरान महिलाओं ने बिभिन्न सामाजिक गीत गाए । कार्यक्रम की शुरुआत आशा राकेश कुमारी ने सरस्वती बन्दना से किया और उसके बाद परिवार नियोजन पर आशा विमला द्वारा गया गीत भारत से चिट्ठी निकल चुकी परिवार बढ़ाना बन्द करो"पर उपस्थित लोगों ने खूब तालियां बजाई ।इसके अलावा आशा राकेश कुमारी ने बेटी बेटे के बीच के अंतर को मिटाने के लिए लोकगीत गाते हुए भेदभाव दूर करने की विनती किया वहीं की आशा राकेश कुमारी ने गीत गावन-गावन चर्चा हो रही परिवार नियोजन अपनाने है, स्वस्थ गांव बनाने है, सुनाकर सभी को आकर्षित किया। वहीं गड़रिया पुरवा की आशाबहू ऊषा देवी ने क्षयरोग के लक्षणो की पहचान और उसकी रोकथाम की आवश्यकता बताकर समाज को महत्वपूर्ण संदेश दिया।इस मौके पर नरसिंह ,आरके शर्मा, सईद अहमद ,बाबू यादव ,समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
सुनीता वर्मा बनी सर्वश्रेष्ठ सास तो शबीना खातून बहू
सास बहू सम्मेलन में आई 25 सास बहुओं में से 4 सर्वश्रेष्ठ सास में पहले नम्बर पर सेवढ़ारा गांव निवासी सुनीता वर्मा,दूसरे नम्बर पर गड़रिया पुरवा निवासी उषा यादव,तीसरे पर सुमित्रा सिंह व चौथे नम्बर पर मीना देवी रही । इसी प्रकार सर्वश्रेष्ठ बहू में पहले नम्बर पर शबीना खातून दूसरे नम्बर मीना यादव तीसरे नम्बर रीता यादव व चौथे नंबर पर अंजू वर्मा को सम्मानित किया गया । इसी दौरान मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें 10 महिलाओं ने भाग लिया जिनमे पहले नम्बर पर सरिता देवी और दूसरे नम्बर पर रेनू देवी को सम्मानित किया गया ।
क्या कहते अधिकारी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ रविकांत वर्मा ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़े में प्रत्येक गांव में सास बहू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है


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