अखिलेश्वर
तिवारी
बलरामपुर ।। हमारा देश भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश में
विविध प्रकार की फसलों को उगाया जाता है । देश में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए
किसानों द्वारा किए जा रहे अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशकों के प्रयोग से
भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्त हो गई है जो भविष्य के लिए काफी चिंताजनक है ।
वर्तमान समय में किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न उत्पाद पूर्ण रूप से प्रदूषित
होते हैं । यही कारण है कि आज के समय में तरह-तरह की बीमारियां बढ़ती जा रही हैं ।
अपना उत्पाद बढ़ाने के लिए किसान जितने भी कीटनाशक और रसायनिक उर्बरक का प्रयोग
करते हैं । उन सब में जहर मिला हुआ होता है और उसका असर फसलों पर सीधे तौर पर पड़ता
है । समय रहते यदि हम इस विनाशकारी प्रक्रिया पर रोक नहीं पाए तो आने वाला समय
काफी खतरनाक साबित हो सकता है । भारत सरकार तथा प्रदेश की योगी सरकार इन्हीं
समस्याओं के निराकरण हेतु जैविक अकार्बनिक या प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के
लिए वृहद स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं । जैविक खेती के द्वारा उत्पादित फसल
पूर्ण रूप से संक्रमण व प्रदूषण रहित होगी और इसे खाने वाला व्यक्ति स्वस्थ तथा
निरोग होगा । बलरामपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित जनपद में जैविक खेती की
संभावनाएं विषय पर आयोजित गोष्ठी में भाग लेने पहुंचे प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री
रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने जैविक खेती करने का सलाह किसानों को
दिया और उन्होंने अपने अनुभव शेयर करते हुए इसके तरीके भी बताए ।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के जिला पंचायत सभागार में आयोजित कृषक गोष्ठी जिसका विषय रखा गया था जनपद में जैविक खेती की संभावनाएं में तमाम कृषि वैज्ञानिकों ने जैविक खेती के तरीके व उससे लाभ पर विस्तार से किसानों को अवगत कराया । मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा व अनुसंधान राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने जैविक खेती के विषय में अपना खुद का अनुभव किसानों के साथ शेयर किया । उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि वह खुद पिछले एक वर्ष से जैविक खेती कर रहे हैं और उन्हें इसका मुनाफा भी प्राप्त हो रहा है । जैविक खेती करके किसान तीन से चार गुना लाभ कमा सकते हैं । उन्होंने जैविक खेती के गुर भी किसानों को बताए और कहा कि बगैर लागत के जैविक खेती किसान केवल एक गाय पाल कर कर सकता है । एक गाय के द्वारा 4 से 5 एकड़ खेती आसानी से की जा सकती है और इसमें एक भी रुपए का रासायनिक उर्वरक या कीटनाशक प्रयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी । कृषि राज्यमंत्री ने वार्ता केे दौरान बताया की जैविक खेती सबसे आसान तरीका है जो आदिकाल से प्रचलन में रहा है । रासायनिक उर्वरकों के खोज से पहले किसान जैविक खेती ही किया करते थे और इसीलिए उस समय लोग निरोग रहा करते थे । आज रासायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशकों पर अंधाधुंध प्रयोग के कारण एक ओर जहां भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्त हो चुकी है वहीं दूसरी ओर कीटनाशकों तथा रासायनिक उर्वरकों में मौजूद जहरीले पदार्थों के प्रभाव से उत्पादित किए गए अनाज में मौजूद जहर के कारण लोग लगातार बीमार हो रहे हैं । नई-नई बीमारियां होना आजकल आम बात हो गया है । उन्होंने जैविक खेती करने के तरीके बताए । उन्होंने कहा कि वह स्वयं अपने फार्म पर पिछले एक वर्ष से जैविक खेती कर रहे हैं । जैविक खेती द्वारा उत्पादित अनाज का मूल्य ज्यादा मिलता है जिससे किसानों का मुनाफा तीन से चार गुना बढ़ जाएगा । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके इस प्रयोग को कानूनी मान्यता दिए जाने की बात कह चुके हैं और शीघ्र ही जैविक खेती को कानूनी मान्यता का दर्जा दे दिया जाएगा । कृषि मंत्री ने बताया कि एक गाय पालकर 4 से 5 एकड़ की खेती आसानी से की जा सकती है । गोमूत्र तथा गोबर के प्रयोग से फसलों का उत्पादन बढ़ जाएगा और उसमें किसी भी प्रकार का रोग तथा संक्रमण नहीं लगेगा इसका प्रयोग अनाज के साथ-साथ फलों तथा सब्जियों पर भी किया जा सकता है जिससे एक और उत्पादन बढ़ेगा दूसरी ओर इस प्रयोग से उत्पादित अनार तथा फल व सब्जियां पौष्टिक होंगी और मैं किसी प्रकार का प्रदूषण याद शहर मौजूद नहीं रहेगा उन्होंने किसानों से अपील के किसान भाई आप से ही जैविक खेती का प्रयोग शुरु कर दें अपने क्षेत्र के कुछ हिस्से में जैविक विधि से खेती करके इसके लाभ तक के विषय में किसान आसानी से प्रयोग भी कर सकते हैं । गौमूत्र तथा गोबर से घोल बनाए जाने तथा उसके प्रयोग की विधि भी बताइए । गोष्ठी में सांसद श्रावस्ती दद्दन मिश्रा , विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ला, विधायक सदर पलटू राम, विधायक गैसड़ी शैलेंद्र प्रताप सिंह शैलू, विधायक इकौना राम फेरन पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश सिंह व किसान नेता शशि भूषण शुक्ला क्रांति के अलावा उप कृषि निदेशक डॉ आर एस राम, जिला कृषि अधिकारी मनजीत सिंह सहित कई कृषि विशेषज्ञों तथा अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए । गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ल, भाजपाा नेत्री कुसुम चौहान, मंजू तिवारी आकाश पांडे, पंकज मिश्रा, भाजपा मीडिया प्रभारी डीपी सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे ।



एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ