सुनील उपाध्याय
बस्ती । पदोन्नति में जातिगत आरक्षण और हरिजन एक्ट समाप्त किये जाने की मांग को लेकर सवर्ण लिबरेशन फ्रण्ट द्वारा सघन जागरूता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 7 अगस्त को बस्ती में होने वाले प्रदर्शन की सफलता के लिये एस.एफ. संयोजक दीनदयाल त्रिपाठी के नेतृत्व में संतकबीर नगर जनपद के मेहदावल तहसील में सम्पर्क अभियान चलाया गया। इसके बाद कुबेरनाथ मंदिर पर हुई बैठक में आन्दोलन की रणनीति पर विचार किया गया।
एस.एफ. संयोजक दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि केन्द्र सरकार अमीर दलितों को लाभ पहुंचाने की नीयत से पदोन्नति में जातिगत आरक्षण लागू करने की दिशा में गंभीर है किन्तु सरकार को ऐसे गरीब, विपन्न दलितों व अन्य जातियों की चिन्ता नहीं है जिनके बच्चे गरीबी के कारण स्कूल तक नहीं जा रहे हैंं। कहा कि जातिगत आरक्षण की पुर्नसमीक्षा कर उसे आर्थिक आधार पर लागू किये जाने, हरिजन एक्ट के नाम पर मनमाना उत्पीड़न बंद किये जाने की मांग को लेकर एसएलएफ का चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा।
दीनदयाल त्रिपाठी ने कहा कि पदोन्नति में जातिगत आरक्षण लागू किया जाना वरिष्ठता, दक्षता, मेधा का खुला अपमान है। इससे सरकारी कार्यालयों के काम काज का स्तर घटेगा जो किसी के हित में नहीं है। उन्होने एकल पद से आरक्षण समाप्त करने पर जोर दिया।
बैठक में सर्व सम्मत से देवेन्द्र पाठक को संतकबीर नगर जनपद का संयोजक मनोनीत किया गया। चुन्नू तिवारी, विश्वनाथ तिवारी, जितेन्द्र सिंह, कौशल कुमार सिंह ने सम्बोधित करते हुये जातिगत आरक्षण के खिलाफ एकजुट होकर आन्दोलन पर जोर दिया। रामलखन तिवारी, हरीश दूबे, शंभूनाथ मिश्र, दिनेश मिश्र, मनोज पाठक, राहुल तिवारी, प्रवेश शुक्ल, वृजनरायन पाण्डेय, हरिशकर चौबे, वशिष्ठ कुमार सिंह, सच्चिदानन्द शुक्ल आदि उपस्थित रहे।


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