शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। रामपुर संग्रामगढ़ विकासखण्ड के पूरे अनिरूद्ध गांव मे स्कूल की दीवार ढहने से छात्र की मौत को लेकर अभी भी जांच पडताल ठंडे बस्ते मे देखी जा रही है। वही पांचवे दिन सोमवार को स्कूल खुलने से नौनिहालो की पढाई ढर्रे पर आ सकी दिखी। गौरतलब है कि घटना के बाद से पिछले चार दिनो से गांव के प्राथमिक विद्यालय मे ताला जडा होने से पठन पाठन बाधित हो उठा था। पांचवे दिन विद्यालय खुलने से नौनिहाल स्कूल पहुंचे और पढाई के साथ एमडीएम का स्वाद भी चख सके। प्रधानाध्यापक राजेश यादव के निलंबन के चलते शिक्षामित्र शशी देवी ने बच्चो को पढाया लिखाया। वहीं सोमवार को भी दीवार ढहने से छात्र की मौत को लेकर किसी भी अफसर जांच पडताल मे न पहुचने को लेकर गांव मे दोषियो को बचाने की अफसरो की कवायद की तरह तरह की चर्चा बनी दिखी। हालाकि मृतक छात्र राज के पिता बब्बू सरोज ने प्रधान विद्या देवी को निर्दोष ठहराते हुए किसी प्रकार की कार्रवाई अपने स्तर से न होने का सुलहनामा भी अफसरो को सौंप दिया। प्रधान को मृतक छात्र के पिता की ओर से मिली क्लीनचिट से भले ही प्रधान को एक छोर से राहत मिल गई हो। किंतु गेट निर्माण मे घटिया सामग्री का इस्तेमाल को लेकर जांच की तलवार अभी भी प्रधान के गले की फांस बनी हुई है। वही पर्यवेक्षण मे लापरवाही व मिलीभगत को लेकर क्षेत्रीय खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा ब्लाक के अवर अभियंता पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। इसके बावजूद अफसर जांच पडताल के नाम पर जाने क्यों खामोशी ओढे हुए है। सीडीओ राजकमल यादव की जांच को लेकर जारी चिटठी का पांचवे दिन भी कोई असर नही दिख सका। चर्चा के मुताबिक सीडीओ का फरमान मातहतो के बचाव के लिए जिम्मेदार अफसर ठंडे बस्ते मे डाल रखा है। और तो और पांच दिन पूरे होने को है एसडीएम और बीडीओ को भी गांव पहुंचकर जांच पडताल को लेकर रस्मअदायगी तक की फुर्सत न मिल पाने की भी ग्रामीणो मे चर्चा बनी हुई है।


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