शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ । नगर से सटे ग्राम सभा पूरेईश्वर नाथ मे अधिवक्ता के पिता की पुण्यतिथि पर काव्य गोष्ठी का आयोजन वारिष्ठ अधिवक्ता / साहित्यकार पं• भानू प्रताप त्रिपाठी मराल की अध्यक्षता में मनाई गई । कार्यक्रम में अतिथि के रूप में साहित्यकार राम सहाय सिंह कुंज तथा विशिष्ट अतिथि डॉ दयाराम मौर्य रत्न, पं• रामचन्द्र उपाध्याय एंव राजेश मिश्र रहे । अतिथियों द्बारा अधिवक्ता प्रेम कुमार त्रिपाठी के स्व• पिता भगौती प्रसाद त्रिपाठी एंव मॉ सरस्वती को माल्यार्पण एंव दीप प्रज्जवलन के साथ कार्यक्रम की शुरूवात हुई ।
संचालन सुरेश नारायण द्बिवेदी व्योम ने किया ।सरस्वती बंदना जयराम पाण्डेय राही पट्टी ने पढा ।इस अवसर पर वारिष्ठ रचनाकार शेषनारायण दूबे राही, को अंगवस्त्रम् एंव उपहार देकर सम्मानित किया ।तथा एक पत्रिका के अंक का विमोचन भी किया गया ।इस मौके पर वारिष्ठ साहित्यकार डॉ दयाराम मौर्य रत्न ने कहा कि स्व• भगौती प्रसाद द्बारा रोपा गया पौथ आज पुत्र प्रेम कुमार तथा पौत्री ज्योति त्रिपाठी के रूप में पल्लावित हो रहा है ।राजेश मिश्र ने माता पिता को सबसे बडा तीर्थ बताया ।अध्यक्षता कर रहे मराल जी ने कहा कि यह प्रेम नगर है शांति का घर, यह अपनी डगर यह अपनी डगर । इस मौके पर अनूप अनुपम ने पढा जिस बरगद के छॉव में बडे हुए मानव तन पाए । तेरे खातिर भले बुरे जिसने सारे हथकण्डे अपनाए ।उनके दिल को मत दुखलाना वरना तुम पछताओगे ।।इस मौके पर डॉ अरूण रत्नाकर, राममूर्ति सौरभ, रेशमा त्रिपाठी, अनूप त्रिपाठी, अनूप द्बिवेदी हमदम प्रतापगढी, सत्येन्द्र नाथ मृदुल, हरिवंश शुक्ल, परशुराम उपाध्याय, रामसूरत पाण्डेय, सुनील प्रभाकर, अमरनाथ बेजोड, आनन्द मोहन ओझा, रंजना दूबे, अजीत कुमार, चिन्तामणि पाण्डेय, ललिता, माया त्रिपाठी सहित आदि लोग रहे और अपने अपने विचार व्यक्त किए तथा काव्य पाठ किया


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