Type Here to Get Search Results !

Action Movies

Bottom Ad

रेल विभाग ने बनाया ऐसा इतिहास , जिसे याद रखेंगी आने वाली पीढ़ियां


सुनील उपाध्याय 
बस्ती यूपी।  यूँ ही नही कोई इंडियन रेल की तारीफ करता। भारतीय रेल जो कुछ भी करती है वह इतिहास बनता है। बस्ती में विभाग ने एक ऐसा इतिहास बनाया है जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। 1400 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक रेलगाड़ी औसत स्पीड से कितना समय लेगी इसका ज्ञान आपको भली भांति है अगर आपने कलकुलेट कर भी लिया तो भी भारतीय रेल उसे झूठ साबित कर देगा। 










विभाग में मालगाड़ी के बुक हुए एक वैगन को साढ़े तीन साल का सफर करना पड़ा। विशाखापटनम से चली मालगाड़ी का एक वैगन देश के कई शहरों की यात्रा कर 42 महीने बाद बस्ती स्टेशन पर पहुंचा। जब वैगन पर लगे कागजात को चेक किया गया तो पता चला की जनवरी 2014 में यह वैगन विशाखापटनम से बुक किया गया था। इतने दिनों बाद वैगन के पहुंचने पर रेल अधिकारी खुद भी आश्चर्य चकित हो गए। 
वीडियो 


आप को बता दें इण्डियन पोटास कम्पनी द्वारा भेजा गया खाद वैगन नम्बर 107462 विशाखा पटनम पोर्ट से मेसर्स रामचन्द्र गुप्ता बस्ती के लिए बुक किया था। वैगन बुक करने के बाद जब कई महीना बीत गया और खाद नहीं पहुंची तो रेलवे को दर्जनों पत्र लिखा गया, बावजूद इस के रेलवे के बड़े काबिल कामर्शियल अफसर लापता वैगन को नई ढूंढ सके।











 पोटाश खाद लदा वैगन पूरे देश में इधर से उधर घूमता रहा सैकड़ो स्टेशनों से गुजरने के वादजूद विभाग अपने गायब हुए इस वैगन को नहीं ढूंढ पाया। साढ़े तीन साल तक लाखों की खाद वैगन में इधर से उधर घूमती रही जिससे खाद भी खराब हो चुकी है। फिलहाल खाद को बस्ती रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म पर उतार दिया गया है।
वीडियो 


 खाद खराब होने की वजह से डीलर नहीं ले जा रहा है डीलर का कहना है की ये रेल्वे की बड़ी गलती है जो रैक 2014 में बुक कराई गई वह 42 महीने बाद अब आ रही है वैगन के मिसिंग होने पर रेल्वे को रिमाइंडर दिया गया था बावजूद इस के रेलवे वैगन का पता नहीं लगा पाई। माल की कीमत लगभग 10 लाख रूपए है व्यापारी ने कहा है कि रेलवे से असिस्मेंट बेसिस पर माल को लिया जाएगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Below Post Ad

Comedy Movies

5/vgrid/खबरे