सुनील उपाध्याय
बस्ती :अधिवक्ता की हत्या के मामले में दो महिलाओं को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश कविता मिश्रा की अदालत ने आजीवन कारावास व 15 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। महिलाओं पर अधिवक्ता को जहर देकर हत्या करने का मुकदमा दर्ज हुआ था। घटना हर्रैया थानान्तर्गत मुरादीपुर में 10 जुलाई 2006 को घटित हुई थी।
शासकीय अधिवक्ता राम अनुज भास्कर ने अदालत को बताया कि थाना खास निवासी दिनेश कुमार तिवारी ने हर्रैया पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि उसके पिता रामललित तिवारी हर्रैया तहसील में वकालत करते थे। मुरादीपुर के वेदप्रकाश की पत्नी बीना सिंह ने उनसे कहा था कि उनके पति सारी जायदाद बेचकर खत्म कर दे रहे हैं। शेष बची जमीन उनके नाम से करवा दीजिए। काम हो जाने पर पिता रामललित तिवारी ने काम में खर्च हुए 25000 रुपए की मांग की तो बीना सिंह का परिवार रंजिश रखने लगा।
दिनेश तिवारी ने बताया कि पिता रोज की भांति नौ जुलाई को मुरादीपुर स्थित राइस मिल पर सोने चले गए। 10 जुलाई की सुबह घर पर ध्रुव सिंह निवासी मुरादीपुर आए और उन्होंने बताया कि बीना सिंह के घर के पीछे तुम्हारे पिता का शव पड़ा हुआ है। इस मामले में बीना सिंह, निर्मला पत्नी प्रेम प्रकाश सिंह, वेद प्रकाश सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना में मालूम हुआ कि जहर देकर हत्या की गई है।


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