सुनील उपाध्याय
बस्ती। भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भले ही भरष्टाचार को खत्म करने का दावा कर रही है लेकिन इनके राज में कांवड़ भक्तों पर भ्रष्टाचार भारी पड़ रहा है। भदेश्वरनाथ मंदिर, जहां हर साल श्रावण महीने में तीन लाख से ज्यादा भोले भक्त जलाभिषेक कर स्वयं और समाज के तरक्की के लिए बाबा भदेश्वरनाथ से प्रार्थना करते हैं लेकिन दुख की बात यह है कि डारीडीहा से भदेश्वरनाथ मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर शिवभक्तों पर भ्रष्टाचार भारी पड़ रहा है।
जिला पंचायत के स्वामित्व वाले इस मार्ग के मरम्मत की जिम्मेदारी भी जिला पंचायत बस्ती की है। जिला पंचायत ने इसके लिए बाकायदा टेंडर भी जारी किया और नामित ठेकेदार को मरम्मत का ठेका सौंप दिया बस यहीं से शुरू हो गया भ्रष्टाचार के कालिख का खेल। ठेकेदार ने सड़क की रिपेयरिंग शुरू कर दी लेकिन एक घंटे की बारिश ने ठेकेदार के भ्रष्टाचार से अर्जित आय को पानी पानी कर दिया।
पिछले शनिवार को जब बारिश हुई तो भक्तों ने देखा कि चारकोल से बनी सड़क पर सिर्फ गिट्टियां ही गिट्टियां दिख रही हैं जबकि निर्माण प्रारंभ होते ही स्थानीय लोंगो ने आशंका जाहिर कर दी थी कि निर्माणाधीन सड़क मानक के विपरीत बन रही। इस बात की जब शिकायत जिम्मेदार तक पहुंची तो जिला पंचायत बस्ती के अपर मुख्य अधिकारी संतोष सिंह ने बताया कि सड़क की रिपेयरिंग की जा रही थी |
लेकिन बारिश ने उनके मेहनत पर पानी फेर दिया अब सवाल यह है कि जब श्रावण के जलाभिषेक का समय निर्धारित है तो फिर इसके रिपेयरिंग में इतनी देरी क्यों की गई इतना ही नहीं अपर मुख्य अधिकारी ने बताया सड़क की पेंटिंग के बाद कम से कम 48 घंटे का अंतर होना चाहिए उसके बाद बारिश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन जब पिछले कई वर्षों से मार्ग की स्थिति के बारे में पूछा गया कि रिपेयरिंग के बाद आखिर क्यों सड़क खराब हो रही है तो उन्होंने चुप्पी मार ली शिव भक्तों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनकी आस्था और भावना को ध्यान में रखते हुए सड़क का निर्माण अविलंब कराया जाए क्योंकि त्रयोदशी के दिन होने वाले जलाभिषेक में भोले भक्त अयोध्या से नंगे पांव पैदल भदेश्वरनाथ तक की यात्रा करते हैं ऐसे में अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो उन्हें बड़ी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है।


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